आंध्र प्रदेश: एलुरु में पादरी की शर्मनाक करतूत, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद जबरन गर्भपात की कोशिश

Saransh Kanaujia
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अमरावती । शनिवार, 9 मई 2026

आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 35 वर्षीय पादरी, चोतुपल्ली रामबाबू, पर एक 14 साल की नाबालिग बच्ची के साथ महीनों तक यौन शोषण करने का आरोप लगा है। रामबाबू इलाके के एक स्थानीय चर्च में कार्यरत था और पीड़ित परिवार का बेहद करीबी बन गया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पादरी ने पहले परिवार का धर्मांतरण कराया और फिर उनके घर में ही प्रार्थना सभाएं आयोजित करने लगा। इसी का फायदा उठाकर उसने बच्ची को अपना निशाना बनाया। जब भी बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं होते थे, वह उसे डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करता था।

गर्भपात की दवाओं से बिगड़ी हालत

यह घिनौना सच तब सामने आया जब बच्ची को गर्भ ठहर गया। मामले को दबाने के लिए पादरी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और नाबालिग को गर्भपात की भारी दवाइयां (Abortion Pills) जबरन खिला दीं। इन दवाओं के कारण बच्ची को अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) होने लगा और उसकी स्थिति गंभीर हो गई।

परिजनों ने आनन-फानन में उसे एलुरु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद खुलासा किया कि बच्ची गर्भवती थी और उसे गलत दवाइयां दी गई थीं। पूछताछ के दौरान बच्ची ने रोते हुए अपनी माँ को सारी आपबीती सुनाई।

प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की तलाश

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित पादरी रामबाबू के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

  • वर्तमान स्थिति: आरोपित पादरी फिलहाल फरार है।

  • पुलिस कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधी को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और छापेमारी जारी है।

बाल अधिकार आयोग ने लिया कड़ा रुख

आंध्र प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (APSCPCR) ने इस मामले पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। आयोग के अध्यक्ष वी. सूर्यनारायण राजू ने पुष्टि की है कि आयोग के सदस्य सोमवार (11 मई 2026) को पीड़ित परिवार से मिलने और स्थिति का जायजा लेने के लिए एलुरु पहुंचेंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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