हिन्दू एक पूजा पद्धति नहीं, बल्कि शाश्वत जीवन मूल्य है – रामदत्त चक्रधर जी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस संघ शताब्दी वर्ष
युवा अच्छा सोचें, अच्छा बोलें, अच्छा करें; यही सच्ची देशभक्ति है – रामलाल जी
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हिन्दू केवल कोई पंथ नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्राण वायु है – शंकरलाल जी
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संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है – प्रदीप जोशी जी
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विश्व शांति के लिए समरस, संगठित हिन्दू समाज का होना समय की मांग – जे. नंदकुमार जी
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स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वामपंथियों ने भारतीय इतिहास को विकृत किया – स्वांत रंजन जी
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