जयपुर में बकरीद पर हाईवे पर नमाज को लेकर गरमाई सियासत; VHP ने की ‘योगी मॉडल’ की मांग, BJP-Congress आमने-सामने

Saransh Kanaujia
4 Min Read

जयपुर। शुक्रवार, 29 मई 2026

राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत समूचे प्रदेश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्यौहार पूरी अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। इस खास मौके पर मुल्क में तरक्की, खुशहाली और दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआएं मांगी गईं। घरों में मीठी सेवइयों से मुंह मीठा कराने और गले मिलकर मुबारकबाद देने का सिलसिला भी जारी है।

लेकिन, इस बार की बकरीद जयपुर में धार्मिक सौहार्द के साथ-साथ एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का केंद्र भी बन गई है। कारण है—ईदगाह के बाहर मुख्य सड़क और नेशनल हाईवे पर नमाज का आयोजन, जिससे कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

क्षमता से अधिक भीड़ और हाईवे पर नमाज

जयपुर स्थित मुख्य ईदगाह परिसर की क्षमता बमुश्किल 5 से 7 हजार लोगों की है। लेकिन आज इस मौके पर करीब एक लाख से अधिक नमाजी ईदगाह पहुंचे। जगह की भारी कमी के चलते नमाजियों ने ईदगाह के बाहर जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर ही सफें (कतारें) बिछा दीं और वहीं विशेष नमाज अदा की।

हाईवे पर सामूहिक नमाज के चलते दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए और काफी देर तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। केवल ईदगाह ही नहीं, बल्कि जयपुर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद सहित शहर के कई अन्य इलाकों में भी सड़कों पर नमाज पढ़ी गई।

VHP की मांग: राजस्थान में भी लागू हो ‘यूपी का योगी मॉडल’

सड़कों पर नमाज पढ़े जाने और नेशनल हाईवे के ब्लॉक होने पर सामाजिक संगठनों ने तीखा एतराज जताया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस व्यवस्था पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार से सीधे तौर पर दखल देने की मांग की है।

VHP के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सड़कों पर किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन या नमाज पढ़ने पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है, ठीक वैसा ही ‘योगी मॉडल’ राजस्थान में भी तुरंत लागू किया जाना चाहिए। संगठन का तर्क है कि राहगीरों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को धार्मिक आयोजनों के कारण असुविधा नहीं होनी चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी: बीजेपी विधायक की नसीहत, कांग्रेस का पलटवार

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और जयपुर के स्थानीय नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है:

  • बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य की नसीहत: जयपुर शहर की हवामहल सीट से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सड़कों पर नमाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को एक नई नसीहत देते हुए कहा कि सड़कों को ब्लॉक करना सही नहीं है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि त्यौहार की खुशी मनाने के लिए बेजुबान जानवरों की कुर्बानी देने के बजाय ‘केक काटकर’ सांकेतिक रूप से पर्व मनाना चाहिए।

  • कांग्रेस विधायक रफीक खान का पलटवार: कांग्रेस विधायक रफीक खान ने बीजेपी नेताओं के इन बयानों पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी हमेशा समाज को बांटने और नफरत फैलाने का काम करती है।

Related Post

Share This Article