राजस्थान: टोंक में 12वीं के छात्र की आत्महत्या के बाद भारी आक्रोश, धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना के आरोपों से गरमाया माहौल

Saransh Kanaujia
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जयपुर । शनिवार, 16 मई 2026

राजस्थान का टोंक जिला इस समय एक बेहद संवेदनशील और दुखद घटना के कारण सुर्खियों में है। टोंक शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के महावीर नगर में रहने वाले 17 वर्षीय हिंदू छात्र कुणाल गुर्जर ने अपने किराए के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। कुणाल ने हाल ही में सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा 85% अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी, और उसका पूरा परिवार इस सफलता से बेहद खुश था। लेकिन इस खुशी के ठीक बाद आई इस आत्मघाती खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

मृतक छात्र की मां, जो टोंक जेल में एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, ने स्थानीय पुलिस के समक्ष कुछ बेहद चौंकाने वाले और गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद से पूरे टोंक शहर में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

परिजनों के गंभीर आरोप: धर्म परिवर्तन और ब्लैकमेलिंग का शिकार था कुणाल

मृतक की मां दीपिका गुर्जर और परिजनों का आरोप है कि कुणाल पिछले करीब दो वर्षों से कुछ मुस्लिम युवकों के संपर्क में था। इसी दौरान दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मुस्लिम लड़की के साथ उसका परिचय हुआ, जिसने कुणाल को प्रपोज किया था। परिजनों के पास इसके पुख्ता डिजिटल सबूत होने का भी दावा किया गया है।

आरोप है कि धीरे-धीरे उस लड़की, उसके परिवार के कुछ सदस्यों और अन्य मुस्लिम युवकों द्वारा कुणाल पर इस्लाम अपनाने और शादी करने के लिए मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। मां ने रोते हुए बताया कि कुणाल को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह गहरे तनाव में चला गया था।

‘स्वयं खतना करने’ का सनसनीखेज दावा

मामले में सबसे हैरान कर देने वाला पहलू तब सामने आया जब मां और भाई ने बताया कि कुछ समय पहले कुणाल का एक छोटा बाइक एक्सीडेंट हुआ था। परिजनों के अनुसार, आरोपी लड़की ने कुणाल को अंधविश्वास के जाल में फंसाते हुए कहा कि ‘यदि वह अपना खतना करवा लेगा, तो उसकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।’

परिजनों का दावा है कि इस मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के चलते किशोर ने मेडिकल स्टोर से सर्जिकल ब्लेड लाकर घर पर ही खुद का खतना करने का प्रयास किया, जिसके बाद वह छिपकर अपना इलाज करवा रहा था ताकि माता-पिता को इस बात की भनक न लगे।

पुलिस प्रशासन और एफएसएल की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव और पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंजय मिश्रा तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कुणाल का मोबाइल फोन और डायरी आदि जब्त कर ली है। कोतवाली पुलिस अब कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि आत्महत्या के लिए उकसाने के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा पीड़ित परिवार के घर

घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने पहुंचा। इस दौरान मृतक की मां ने हाथ जोड़कर रोते हुए न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उनके हंसते-खेलते बेटे को साजिश के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करने तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की है।

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