बंगाल चुनाव 2026: ममता के ‘खलनायक’ वाले आरोप पर चुनाव आयोग का पलटवार, इस्तीफे से किया इनकार

Saransh Kanaujia
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कोलकाता | अपडेटेड : बुधवार, 6 मई 2026  

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल राज्य की सत्ता बदली है, बल्कि एक गंभीर संवैधानिक और राजनीतिक रार भी पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है, जबकि 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है। इस हार के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर “गंदी साजिश” के आरोप लगाए हैं।

चुनाव आयोग का ममता के दावों पर कड़ा रुख

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि मतगणना के दौरान उनके साथ “बदसुलूकी और मारपीट” की गई। इन आरोपों को खारिज करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी से पुष्टि की गई है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी कोई घटना होती, तो FIR जरूर दर्ज होती।

ममता बनर्जी के प्रमुख आरोप और आपत्तियां

अपनी हार स्वीकार करने के बजाय, ममता बनर्जी ने तीखे हमले किए हैं:

  • इस्तीफे पर अड़ियल रुख: उन्होंने घोषणा की है कि वे इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाएंगी क्योंकि “नैतिक रूप से” वे चुनाव नहीं हारी हैं।

  • EVM और ‘खलनायक’ चुनाव आयुक्त: ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘खलनायक’ बताते हुए कहा कि वोटिंग के बाद EVM का 90% चार्ज होना धांधली का संकेत है।

  • वोटर लिस्ट में छेड़छाड़: उनका आरोप है कि भाजपा और आयोग ने मिलकर 90 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए थे।

  • अधिकारियों का तबादला: चुनाव से पहले निष्पक्ष अधिकारियों को हटाकर भाजपा के करीबियों को तैनात करने का आरोप भी लगाया गया है।

भाजपा की पहली सरकार की तैयारी

ममता बनर्जी की अपनी पारंपरिक सीट भाबानीपुर से शुभेंदु अधिकारी के हाथों लगभग 15,000 वोटों से हार ने टीएमसी के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बना दी है। जहाँ भाजपा 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी कर रही है, वहीं राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं।

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