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मणिपुर में सुरक्षाबलों ने अब तक 350 से अधिक उग्रवादियों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
3 Min Read

इंफाल. मणिपुर में सुरक्षाबलों ने अब तक जबरन वसूली करने वाले 350 से अधिक उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान फरवरी के मध्य से चला था। ये वैवाहिक विवादों के समाधान तथा सरकारी टेंडर में हिस्सा मांगते थे। प्रशासन द्वारा आम जनता को निर्देश जारी किया गया है कि वे किसी भी जबरन वसूली के प्रयास की सूचना पुलिस को दें। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति शासन के बाद सुरक्षाबलों के दबाव का सामना कर रहे उग्रवादियों को फंडिंग नहीं हो रही है। इससे वे काफी परेशान हैं।

उग्रवादी सुलझाते हैं वैवाहिक विवाद

अधिकतर उग्रवादियों को इंफाल पूर्वी क्षेत्र से तथा इसके बाद इंफाल पश्चिमी क्षेत्र से पकड़ा गया है। अधिकारियों ने कहा कि वे व्यक्तिगत झगड़े, पारिवारिक झगड़े और यहां तक कि वैवाहिक विवाद भी सुलझाते हैं। हाल ही में मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्वी से टाइगर नामक एक व्यक्ति को उस समय हिरासत में लिया, जब वह एक वैवाहिक विवाद को सुलझाने के काम में लगा था।

पुलिस ने बरामद किए लाखों रुपये और मोबाइल

बाद में उसकी पहचान प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) से जुड़े लैशराम रमेश सिंह के रूप में हुई। उसने धमकियां देकर इंफाल और इसके आसपास के इलाकों में स्थित सरकारी अधिकारियों से जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल होने की बात कुबूल की है। उसके पास से दो मोबाइल और 21,50,000 रुपये की जबरन वसूली की रकम बरामद की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जबरन वसूली मुख्य रूप से प्रतिबंधित यूएनएलएफ, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), कांगलेई यावोल कानबा लुप (केवाईकेएल) और पीपुल्स रिवाल्यूशनरी पार्टी आफ कांगलेईपाक (पीआरईपीएके) के लोगों द्वारा की जा रही है। वर्तमान में यूएनएलएफ के सदस्यों की संख्या 530 है। इसके बाद पीएलए के 450 तथा केवाईकेएल के 25 सदस्य हैं। यूएनएलएफ अतीत में बड़े पैमाने पर जबरन वसूली में शामिल रहा है।

साभार : दैनिक जागरण

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