महाराष्ट्र में आदिवासियों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, जमकर हुई तोड़फोड़

Saransh Kanaujia
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मुंबई. महाराष्ट्र के नंदुरबार शहर के बाजार इलाके में दो दिन पहले एक मामूली विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद से शहर के आदिवासी समुदाय के लोगों में काफी गुस्सा था. इसको लेकर ही आदिवासी समुदाय के लोगों ने नंदुबार जिले में मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पर अचानक से यह प्रदर्शक देखते ही देखते हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के ऑफिस के आसपास खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की.

नंदुरबार शहर के सिंधी कॉलोनी इलाके में भैया मराठे नाम के एक युवक ने मामूली विवाद में जय भील नाम के युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया. उसकी हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए सूरत ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. युवक की मौत के बाद आदिवासी समुदाय आक्रामक हो गया है और नंदुरबार शहर में तनावपूर्ण माहौल है.

जब पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

एक आदिवासी युवक की हत्या के विरोध में बुधवार को एक विरोध प्रदर्शन किया गया. इस मौन विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. पूरा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. ड्यूटी पर तैनात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. घटना में एक पुलिस अधिकारी, एक पुलिस कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता मालती वाल्वी के भी घायल होने की खबर है. घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना है. पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने की पूरी कोशिश कर रही है.

आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग

नंदुरबार शहर में निकाले गए प्रदर्शन में शामिल लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे. पुलिस ने इस मामले के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आदिवासी समुदाय ने आरोपियों को मौत की सज़ा देने की मांग को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है.

साभार : न्यूज18

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