सम्पादकीय : गणेश शंकर विद्यार्थी: निर्भीक पत्रकारिता के पुरोधा और ‘प्रताप’ की क्रांतिकारी विरासत

आज जब ‘सच्चाई’ और ‘सुविधा’ के बीच पत्रकारिता की परिभाषा धुंधली होती जा रही है, तब पत्रकारिता जगत के उस दैदीप्यमान नक्षत्र को याद करना अनिवार्य हो जाता है जिसने अपनी कलम को ही क्रांति का हथियार बना लिया था।…









