ऊदा देवी
भारतीय वीरांगनाओं ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल पुरुषों के साथ हर मोर्चे पर कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। यदि सिर्फ इनके शौर्य के बारे में बात की जाए तो किसी भी दृष्टि से इन्हें पुरुषों से कम…
राष्ट्रीय
भारतीय वीरांगनाओं ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल पुरुषों के साथ हर मोर्चे पर कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। यदि सिर्फ इनके शौर्य के बारे में बात की जाए तो किसी भी दृष्टि से इन्हें पुरुषों से कम…
अनूपनगर साम्राज्य के राजा प्रताप चंडी सिंह और चौहान रानी की कोई संतान नहीं थी। अंग्रेजों के नए नियम के अनुसार जिन भारतीय शासकों के कोई संतान नहीं थी, उन्हें गुलामी स्वीकार करनी होती थी। जैसे ही राजा की मृत्यु…
गोरखपुर के निकट एक बहुत ही छोटा सा साम्राज्य था तुलसीपुर। क्षेत्रफल और जनसंख्या के अनुसार भले ही इसका महत्व उतना न हो, लेकिन वीरता इतनी कि अंग्रेज भी टकराने से बचते थे। इस साम्राज्य के शासक दृगनाथ सिंह अंग्रेजों…
रामगढ़ राज्य के राजा विक्रमजीत सिंह ने अपने पिता लक्ष्मण सिंह की मृत्यु के बाद सत्ता प्राप्त की, लेकिन प्रारंभ से ही उनकी रूचि सत्ता चलाने में नहीं थी। उन्होंने अपनी पूरी जिम्मेदारी रानी अवंतीबाई को दे दी। रानी अवंतीबाई…
भारत का एक छोटा सा राज्य धार था। 22 मई 1857 को धार के राजा का देहांत हो गया था। ऐसे में राजा की बड़ी रानी द्रौपदीबाई ने सत्ता संभाल ली। इसका कारण यह था कि राज्य का उत्तराधिकारी आनंदराव…
मुजफ्फरनगर में सन 1829 को जन्मी आशादेवी ने आस-पास के गुर्जरों के 84 गांवों से लोगों को एकत्रित कर 1857 की क्रांति से जोड़ा। आशा देवी की इस फौज में बड़ी संख्या में महिला वीरांगनाएं शामिल थीं। इसका एक उदाहरण…
नानासाहब की बात बिना तात्या टोपे के अधूरी है। नासिक के निकट एक गांव में 1814 को जन्मे तात्या के बचपन का नाम रामचंद्र पांडुरंग राव था। उन्हें प्यार से तात्या भी कहा जाता था। तात्या के पिता बाजीराव द्वितीय…
नानासाहब का जन्म सन 1824 को महाराष्ट्र में माधवनारायण के घर हुआ था। उनके बचपन का नाम नानाराव धोंडूपंत था। पेशवा बाजीराव द्वितीय की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने नानासाहब को गोद ले लिया था। बाजीराव द्वितीय ने नानासाहब…
झांसी की प्रमुख बात यह थी कि यहां रणभूमि में पुरुषों के साथ ही हर मोर्चे पर महिलाएं बढ़-चढ़ कर भाग ले रही थीं। वैसे तो रानी लक्ष्मीबाई की सेना में बहुत सी वीरांगनाएं थीं, लेकिन उनमें से एक झलकारी…
इतिहास में इनमें से कुछ नामों का उल्लेख मिलता है। ऐसा ही एक नाम है बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर गांव में जन्मे बाबू कुंवर सिंह का। उनका जन्म 1777 में हुआ था, इस अनुसार 1857 में उनकी आयु…