आशा देवी

Saransh Kanaujia
1 Min Read

मुजफ्फरनगर में सन 1829 को जन्मी आशादेवी ने आस-पास के गुर्जरों के 84 गांवों से लोगों को एकत्रित कर 1857 की क्रांति से जोड़ा। आशा देवी की इस फौज में बड़ी संख्या में महिला वीरांगनाएं शामिल थीं। इसका एक उदाहरण तब मिलता है, जब अंग्रेज सेना आशादेवी को जिंदा पकड़ने की कोशिश करती है। उस समय अंग्रेज सेना 250 महिला सैनिकों का नरसंहार करने के बाद आशा देवी तक पहुंच सकी थी। इसके बाद भी आशा देवी को पकड़ने के लिए 11 अन्य महिलाओं को गिरफ्तार करना पड़ा और उन्हें भी फांसी दे दी गई।

भारत का स्वतंत्रता संग्राम

 

Related Post

Share This Article