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नेपाल बाढ़ और भूस्खलन 2026: चिलिमे टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़, 1,344 शव बरामद और 5,000 लापता

Saransh Kanaujia
4 Min Read
काठमांडू । रविवार, 6 सितंबर 2026
26 अगस्त को नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में प्रवेश कर चुका है। नेपाल सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में करीब 600 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच राहत दलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अब तक 13,098 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।

चिलिमे टनल में भारत-नेपाल का संयुक्त अभियान

रसुवा जिले स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बारिश के साथ आए टन मलबे, कीचड़ और पानी ने सुरंग के अधिकांश हिस्से को छत तक भर दिया है।
सुरंग के अंदर भारी मशीनों को ले जाना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए बचाव दल स्याफ्रूबेसी से टनल के प्रवेश द्वार तक एक नया पहुंच मार्ग तैयार कर रहे हैं। रास्ता साफ होते ही भारी खुदाई मशीनों को सुरंग के भीतर उतारा जाएगा।

दुर्गम पहाड़ियों और संकरी घाटियों में रेस्क्यू की चुनौती

चिलिमे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद जटिल है। संकरी घाटियों और ऊंचे पहाड़ों के कारण बड़े हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और उड़ान सीमित हो गई है। ऐसे में जमीनी पहुंच मार्ग बनाना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
नेपाल की अन्य जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में जारी खोज अभियान से कुछ राहत भरी खबरें भी आई हैं:
  • ऊपरी त्रिशूली-3A सुरंग: यहाँ से दो नेपाली नागरिकों को सकुशल बाहर निकाला गया।
  • ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना: यहाँ फँसे एक चीनी नागरिक को जीवित निकाला गया।
इन सफलताओं ने सुरंगों में फँसे अन्य लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदों को जीवित रखा है।

फॉरेंसिक जांच और भारत की सहायता

विनाशकारी बाढ़ के कारण कई शवों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके लिए नेपाल पुलिस और फॉरेंसिक टीमें डीएनए सैंपलिंग (DNA Sampling) प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा कर रही हैं।
भारत सरकार ने संकट की इस घड़ी में पड़ोसी देश का हाथ थामते हुए हर संभव मदद भेजी है:
  • तकनीकी व विशेषज्ञ दल: टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और मेडिकल टीमें।
  • उपकरण व सामग्री: आधुनिक खोज-बचाव उपकरण और विशाल मात्रा में राहत सामग्री।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण: भारत की टीमें नेपाली एजेंसियों के साथ मिलकर अस्थायी पुल और सड़कें बनाने में मदद कर रही हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: नेपाल में यह बाढ़ और भूस्खलन कब आया था?
उत्तर: नेपाल में यह भीषण प्राकृतिक आपदा 26 अगस्त को भारी बारिश के बाद आई थी।
प्रश्न 2: चिलिमे टनल रेस्क्यू में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
उत्तर: चिलिमे टनल में भारत और नेपाल की विशेषज्ञ बचाव टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
प्रश्न 3: अब तक कितने लोगों को बचाया जा चुका है?
उत्तर: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 13,098 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक सरकारी रिपोर्टों, ग्राउंड अपडेट्स और समाचार एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। स्थिति के अनुसार लापता और मृतकों की संख्या में बदलाव संभव है।

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