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नेपाल बाढ़ तबाही: सुरंग में 9 दिन बाद मिला ‘जीवन का चमत्कार’, यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का तांडव

Saransh Kanaujia
6 Min Read
काठमांडू । अपडेटेड : शनिवार, 5 सितंबर 2026
नेपाल में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश, विनाशकारी भूस्खलन और उफनाती नदियों ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। तबाही के नौ दिन बीत जाने और उम्मीदें लगभग समाप्त होने के बाद, त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
पहाड़ों पर हो रही इस जल-प्रलय का असर अब भारत के मैदानी इलाकों में भी गंभीर रूप से दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के 26 जिले जलमग्न हैं और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी खराब मौसम के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

1. त्रिशूली सुरंग से 170 मीटर अंदर जिंदगी की जंग: 9 दिन बाद चमत्कारिक रेस्क्यू

नेपाल की जलविद्युत परियोजना (Trishuli-3A Hydropower) की गहरी सुरंग में बाढ़ के दौरान भारी मात्रा में मलबा भर गया था। इस कारण अंदर काम कर रहे कर्मचारी फंस गए थे। घटना के 9 दिन बाद जब मलबे के अंदर से हल्की आवाजें सुनाई दीं, तो नेपाली सेना और राहत-बचाव दल ने तुरंत एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया।
  • जिंदगी की अटूट डोर: कर्मचारी संजय साह और कबीर महर्जन सुरंग के लगभग 170 मीटर अंदर बिना पर्याप्त भोजन, पानी और हवा के 9 दिनों तक मौत से जूझते रहे।
  • एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया: मलबे को हटाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
  • उम्मीद की नई किरण: इस चमत्कारिक बचाव कार्य के बाद अब अन्य लापता लोगों के भी जीवित मिलने की आस जग गई है।

2. नेपाल में फंसे भारतीय: 275 नागरिक अभी भी लापता, 166 को निकाला गया

आपदा की इस घड़ी में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
  • लापता भारतीय: आपदा के बाद से 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
  • सुरक्षित रेस्क्यू: त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

3. उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का कहर, NDRF और SDRF की 1,312 टीमें तैनात

नेपाल और भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा, घाघरा और शारदा नदियां उफान पर हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
  • 17,544 लोगों का सफल रेस्क्यू: NDRF और SDRF की टीमों ने दिन-रात एक करके अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 17,544 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
  • 1,312 राहत शिविर सक्रिय: राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 1,312 राहत शिविर बनाए हैं, जहां राशन, शुद्ध पेयजल, दवाएं और बच्चों के लिए दूध व जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है।

4. IMD का नया अलर्ट और दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने आम नागरिकों को निचले इलाकों, नदियों और बांधों के पास न जाने की हिदायत दी है।

दिल्ली में हवाई सेवाओं पर असर

क्षेत्रीय स्तर पर मौसम खराब होने और दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं:
  1. 9 उड़ानों का डायवर्जन: सुरक्षा कारणों से 9 विमानों को अन्य निकटतम हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया।
  2. 400+ उड़ानें प्रभावित: खराब मौसम के कारण 400 से अधिक उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी दर्ज की गई है।
एयरलाइंस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित उड़ानों की स्थिति (Flight Status) अवश्य जांच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQ)

Q1: नेपाल की किस जलविद्युत परियोजना में 9 दिन बाद रेस्क्यू हुआ?
उत्तर: नेपाल की त्रिशूली-3A (Trishuli-3A) हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की 170 मीटर गहरी सुरंग से संजय साह और कबीर महर्जन को 9 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया।
Q2: नेपाल आपदा में कितने भारतीय लापता हैं?
उत्तर: भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, जबकि 166 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
Q3: उत्तर प्रदेश के कितने जिले बाढ़ से प्रभावित हैं?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के 26 जिले गंगा, घाघरा और शारदा नदियों के उफान के कारण बाढ़ से प्रभावित हैं।
Q4: खराब मौसम का दिल्ली एयरपोर्ट पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: कम दृश्यता के कारण 9 उड़ानों को डायवर्ट किया गया और 400 से अधिक उड़ानों के समय में देरी हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों और मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर तैयार किया गया है। यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन और एयरलाइंस द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों की जांच अवश्य करें।

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