रिसड़ा रामनवमी हिंसा मामला: पूर्व TMC सांसद के पति और पार्षद शाकिर अली को NIA ने किया गिरफ्तार

कोलकाता । मंगलवार, 30 जून 2026

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से इस वक्त की एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार सुबह एक सुनियोजित और बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2023 में हुगली के रिसड़ा (Rishra) में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान भड़की भीषण हिंसा की जांच के सिलसिले में की गई है।

शाकिर अली वर्तमान में रिसड़ा नगरपालिका के वार्ड संख्या-4 के पार्षद हैं। वह राजनीतिक गलियारों में एक और बड़े नाम से जाने जाते हैं; वह आरामबाग से दो बार तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद रह चुकीं अपरूपा पोद्दार के पति हैं।

सुबह-सुबह केंद्रीय बलों के साथ पहुंची एनआईए की टीम

जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एनआईए की एक विशेष टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के साथ मंगलवार तड़के रिसड़ा स्थित शाकिर अली के आवास पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया, जिसके बाद शाकिर अली के घर पर गहन तलाशी अभियान चलाया गया।

घंटों चली तलाशी और प्राथमिक पूछताछ के बाद, एनआईए ने पहले उन्हें हिरासत में लिया और बयानों में भारी विरोधाभास पाए जाने के बाद दोपहर तक उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद शाकिर अली को संबंधित सक्षम अदालत (Competent Court) में पेश किया गया, जहां केंद्रीय एजेंसी उनकी रिमांड की मांग करेगी।

क्या हैं आरोप और क्यों हुई गिरफ्तारी?

एनआईए के दावों के अनुसार, वर्ष 2023 में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा पर रिसड़ा के पीएम बस्ती इलाके में कथित रूप से पथराव किया गया था। देखते ही देखते यह तनाव दो गुटों के बीच व्यापक हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में बदल गया था, जिसमें कई गाड़ियां और दुकानें फूंक दी गई थीं।

  • उकसाने का आरोप: एनआईए का आरोप है कि शाकिर अली ने इस हिंसा के दौरान न सिर्फ भीड़ को उकसाया, बल्कि इस सुनियोजित साजिश को रचने में भी मुख्य भूमिका निभाई।

  • साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई: एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई है। पिछले लंबे समय से चल रही तकनीकी जांच, पूर्व में पकड़े जा चुके आरोपियों के कबूलनामे और डिजिटल साक्ष्यों के मजबूत आधार पर ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

“चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, इसलिए फिलहाल साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा करना उचित नहीं होगा।” — एनआईए वरिष्ठ अधिकारी

हाई-वोल्टेज ड्रामा: पूर्व सांसद ने बेटे का मुंह ढका

जब केंद्रीय जांच एजेंसी शाकिर अली को गिरफ्तार कर उनके घर से बाहर निकाल रही थी, तब वहां भारी पारिवारिक और राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। शाकिर अली और पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के बेटे ने इस पूरी कार्रवाई का तीखा विरोध करना चाहा और मीडिया के सामने कुछ बोलने की कोशिश की। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अपरूपा पोद्दार ने तुरंत आगे बढ़कर अपने बेटे का मुंह हाथ से ढक दिया और उसे घर के भीतर भेज दिया।

घर से बाहर निकलते समय पूर्व सांसद ने मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि, “उन्हें भगवान और देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।”

राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रिया

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद हुगली और कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अपरूपा पोद्दार टीएमसी की टिकट पर आरामबाग से दो बार सांसद रही हैं, हालांकि पार्टी ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। वहीं, शाकिर अली पिछले कई सालों से रिसड़ा नगरपालिका में पार्षद के तौर पर मजबूत दखल रखते हैं।

इस मामले पर जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि 2023 की हिंसा में तृणमूल नेताओं की भूमिका जगजाहिर थी और कानून अपना काम कर रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस गिरफ्तारी पर अभी तक कोई आधिकारिक या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए एनआईए की टीम शाकिर अली से पूछताछ का नया दौर शुरू करने वाली है।

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