डिजिटल इंडिया की एक और बड़ी उड़ान: अब ग्रीस में लाइव हुई भारत की UPI सेवा

एथेंस । मंगलवार, 30 जून 2026

भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब यूरोप के एक और प्रमुख देश ग्रीस (Greece) में आधिकारिक रूप से लाइव हो चुका है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी ग्रीस यात्रा के दौरान एथेंस स्थित यूरोबैंक (Eurobank) मुख्यालय में इस ऐतिहासिक सेवा का लाइव प्रदर्शन देखा और इसकी शुरुआत की घोषणा की।

अब ग्रीस में योग्य ग्राहक बेहद सुरक्षित, तुरंत और बिना किसी परेशानी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसे ट्रांसफर और भुगतान कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस सेवा के जरिए फंड ट्रांसफर करने की लागत पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय माध्यमों (Cross-border payments) के मुकाबले सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा (Fraction) रह जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक दृष्टिकोण की बड़ी जीत

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस मील के पत्थर की सराहना करते हुए लिखा:

“यूपीआई की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति और सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाती है, जिसके तहत सीमाओं से परे मूल्य सृजित करने और साझा विकास और समृद्धि के लिए साझेदारी को गहरा करने वाले प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे।”

यह कदम दिखाता है कि भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के विकसित देश अब इसे अपनी वित्तीय प्रणालियों में जगह दे रहे हैं।

यूरोबैंक और NIPL की मजबूत साझेदारी

इस ऐतिहासिक सेवा को धरातल पर उतारने के लिए ‘एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड’ (NIPL) और ग्रीस के ‘यूरोबैंक’ ने हाथ मिलाया है। एथेंस में आयोजित इस लाइव प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ यूरोबैंक के सीईओ फोकियन कारावियास (Fokion Karavias) और फेयरफैक्स डिजिटल सर्विसेज के सीईओ संजय तुगनाइट (Sanjay Tugnait) भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

भारत-ग्रीस आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय

यूपीआई सेवा की शुरुआत के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस के आर्थिक नेतृत्व के साथ कई अहम बैठकें भी कीं:

  • भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहन: गोयल ने ग्रीक व्यवसायों और निवेशकों को भारत के मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल्स (Macroeconomic fundamentals) का लाभ उठाने और भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया।

  • मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर: दोनों देशों के बीच विनिर्माण और बुनियादी ढांचा विकास में सहयोग के नए रास्तों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने ग्रीक कंपनियों से भारत के साथ ‘सह-निर्माण (Co-create), सह-निवेश (Co-invest) और सह-विनिर्माण (Co-manufacture)’ करने का आग्रह किया।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर विशेष जोर

अपनी इस यात्रा के दौरान वाणिज्य मंत्री ने ग्रीस के उप विदेश मंत्री हैरी थियोहारिस (Harry Theoharis) के साथ ‘भारत-ग्रीस व्यापार मंच’ (India-Greece Business Forum) को संबोधित किया। इस मंच पर उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया।

गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए द्वार खोलेगा और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, “मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिला।” उन्होंने प्रवासियों के सामने भारत की उल्लेखनीय विकास गाथा, मजबूत आर्थिक आधारभूत संरचना और निरंतर हो रही आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला, जो ग्रीस और वहां के व्यवसायों के लिए भी अद्वितीय अवसर लेकर आ रही है।

दुनिया के किन देशों में स्वीकार्य है भारत का UPI?

ग्रीस से पहले भारत ने फ्रांस के मशहूर रिटेल डेस्टिनेशन ‘नीस मैसेना’ और पेरिस के एफिल टॉवर में भी यूपीआई लॉन्च किया था। इसके साथ ही अब दुनिया के 10 प्रमुख देशों में भारतीय यूपीआई इकोसिस्टम अपनी सेवाएं दे रहा है:

  1. ग्रीस (Greece)

  2. फ्रांस (France)

  3. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

  4. सिंगापुर (Singapore)

  5. मॉरीशस (Mauritius)

  6. श्रीलंका (Sri Lanka)

  7. नेपाल (Nepal)

  8. भूटान (Bhutan)

  9. कतर (Qatar)

  10. कंबोडिया (Cambodia)

निष्कर्ष: ग्रीस में यूपीआई का लाइव होना भारतीय फिनटेक सेक्टर के वैश्विक प्रभुत्व की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जो न केवल पर्यटकों बल्कि दोनों देशों के व्यापार जगत के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

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