असम में बाढ़ का कहर: पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के सांसदों संग की समीक्षा बैठक, दिए हरसंभव मदद के निर्देश

Saransh Kanaujia
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गुवाहाटी । अपडेटेड : बुधवार, 29 जुलाई 2026

पूर्वोत्तर राज्य असम इस समय प्राकृतिक आपदा का भारी सामना कर रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में नदियां उफान पर हैं और लाखों लोग जलभराव तथा विस्थापन की समस्या से जूझ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में असम के दोनों सदनों के सांसदों (MPs) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने असम के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत शिविरों के संचालन, और प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।

पीएम मोदी का सोशल मीडिया संदेश

बैठक के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए कहा:

“असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न भागों में वर्तमान बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूं।”

असम बाढ़ 2026: स्थिति और ताज़ा आंकड़े

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की ताजा स्थिति के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

स्थिति / पैरामीटर वर्तमान आंकड़े व जानकारी
प्रभावित लोग 4.45 लाख से अधिक नागरिक
सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, नगांव, कामरूप (मेट्रो)
जलमग्न गांव 631 से अधिक गांव पानी में डूबे हैं
राहत शिविर व केंद्र 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र कार्यरत
राहत बल NDRF, SDRF, भारतीय वायु सेना और नागरिक सुरक्षा दल

राहत और पुनर्वास पर जोर

जैसे-जैसे कुछ इलाकों में जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान आपातकालीन बचाव (Emergency Rescue) के साथ-साथ पुनर्वास और पुनर्नियोजन (Rehabilitation) पर केंद्रित हो रहा है।

  1. राहत सामग्री का वितरण: प्रभावित परिवारों को राशन किट (चावल, दाल, तेल, नमक), तिरपाल और सफाई सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

  2. स्वास्थ्य व स्वच्छता अभियान: पानी उतरने वाले क्षेत्रों में महामारी और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए फॉगिंग और कीटाणुशोधन (Disinfection) का काम जारी है।

  3. बिजली बहाली: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तेजी से बहाल की जा रही है।

  4. केंद्रीय टीम का आकलन: गृह मंत्रालय (MHA) की एक संयुक्त अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम बाढ़ पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार असम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है और प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाने तथा उनके पुनर्वास के लिए सभी जरूरी साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

2. असम में बाढ़ से कौन-कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?

वर्तमान में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, नगांव और कामरूप (मेट्रो) जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।

3. क्या राहत और पुनर्वास के लिए केंद्रीय मदद भेजी गई है?

जी हां, केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम ने जमीनी स्तर पर फसलों, मवेशियों और बुनियादी ढांचे के नुकसान का आकलन किया है ताकि केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख नवीनतम उपलब्ध समाचारों और असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के आधिकारिक आंकड़ों व प्रधानमंत्री कार्यालय के बयानों के आधार पर जनहित में तैयार किया गया है। स्थिति के अनुसार आंकड़ों में बदलाव संभव है।

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