आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई: प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर बने अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, 5 कमरे जमींदोज

आजमगढ़ । रविवार, 28 जून 2026

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से अतिक्रमण के खिलाफ योगी सरकार के सख्त रवैये की एक और बड़ी तस्वीर सामने आई है। जिले की फूलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोलनापुर गांव में शनिवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ प्राथमिक विद्यालय (परिषदीय स्कूल) की सरकारी भूमि पर वर्षों से बने एक अवैध मदरसे के निर्माण को बुलडोजर (बैकहो लोडर) के जरिए पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

भाजपा बूथ अध्यक्ष की शिकायत पर जागा प्रशासन

राजस्व विभाग के आधिकारिक अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) के अनुसार, मोलनापुर गांव में 0.188 हेक्टेयर भूमि प्राथमिक विद्यालय के नाम पर दर्ज है। हालांकि, इस सरकारी जमीन पर गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों द्वारा अवैध रूप से पांच कमरों का निर्माण कराकर मदरसा संचालित किया जा रहा था।

इस अवैध कब्जे के खिलाफ इसी गांव के निवासी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय बूथ अध्यक्ष अच्छेलाल मौर्य ने मोर्चा खोला। उन्होंने जिले के जिलाधिकारी (DM) और उपजिलाधिकारी (SDM) फूलपुर को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपकर सरकारी जमीन को तुरंत भू-माफियाओं और अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की थी।

6 सदस्यीय टीम ने नापी जमीन, फिर गर्जा बुलडोजर

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी फूलपुर ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। सबसे पहले राजस्व विभाग द्वारा उक्त विवादित भूमि की पैमाइश (माप) कराई गई, जिसमें शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक छह सदस्यीय विशेष राजस्व टीम का गठन किया।

शनिवार को नायब तहसीलदार फूलपुर, राजाराम के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक राम आसरे, लेखपाल शिवानी जायसवाल, विवेक यादव, मिथिलेश मौर्य और अनुराग यादव की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से टीम के साथ माहुल चौकी प्रभारी यश सिंह पटेल और उपनिरीक्षक श्यामकुमार दुबे भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।

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मलबे के साथ ग्राम प्रधान को सौंपी गई जमीन

प्रशासनिक टीम ने बिना किसी देरी के बैकहो लोडर (बुलडोजर) की मदद से मदरसे के पांचों कमरों को कुछ ही समय में जमींदोज कर दिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद, मलबे सहित पूरी 0.188 हेक्टेयर खाली कराई गई भूमि को आधिकारिक तौर पर ग्राम प्रधान अयूब अहमद के सुपुर्द (सौंप) कर दिया गया ताकि भविष्य में इस पर पुनः अवैध कब्जा न हो सके।

प्रशासन के इस कड़े रुख और ‘पीले पंजे’ की धमक से पूरे मोलनापुर गांव और आस-पास के क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल रहा। कार्रवाई के दौरान मौके पर मुशीर अहमद, मो. खालिद, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, शिकायतकर्ता अच्छेलाल मौर्य और अब्दुल्ला राशिद सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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