शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली: सेंसेक्स 183 अंक गिरा, IT शेयरों में भारी दबाव; मेटल और बैंकिंग में बढ़त

Saransh Kanaujia
4 Min Read
मुंबई । बुधवार, 26 अगस्त 2026
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। दिन के दौरान BSE सेंसेक्स 77,986.84 के उच्च स्तर तक पहुंचने में सफल रहा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं सका। कारोबार के अंतिम घंटों में मुनाफावसूली और आईटी (IT) सेक्टर में बिकवाली के भारी दबाव के कारण बाजार अपनी पूरी बढ़त गंवाकर लाल निशान में बंद हुआ।
NSE निफ्टी भी 24,300 का महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर बनाए रखने में नाकाम रहा और इसके नीचे फिसल गया।

बाजार बंद होने का आंकड़ा: सेंसेक्स व निफ्टी में गिरावट

कारोबार के समापन पर मुख्य सूचकांकों की स्थिति इस प्रकार रही:
सूचकांक (Index) अंतिम बंद स्तर अंक गिरावट प्रतिशत बदलाव (% Change)
BSE Sensex 77,472.94 -183.15 -0.24%
NSE Nifty 50 24,207.75 -126.80 -0.52%

सेक्टरवार स्थिति: IT पर दबाव, Metal और Banking में सुधार

बाजार में आज मिला-जुला रुझान देखने को मिला। IT सेक्टर ने बाजार को नीचे खींचने का काम किया, जबकि धातु और बैंकिंग सेक्टर ने गिरावट को सीमित करने का प्रयास किया:
1. IT शेयरों में बिकवाली:
Nifty IT इंडेक्स में सबसे अधिक 1.47% की गिरावट दर्ज की गई।
  • प्रमुख गिरावट वाले शेयर: Infosys, Tech Mahindra, Larsen & Toubro (L&T), Power Grid, और Bharti Airtel।
2. Metal और Banking में खरीदारी:
आईटी की कमजोरी के विपरीत मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखी गई। Nifty Metal इंडेक्स 1.27% बढ़ा, जबकि Nifty Private Bank में 1.04% की मजबूती दर्ज की गई।
  • प्रमुख बढ़त वाले शेयर: Kotak Mahindra Bank, UltraTech Cement, Axis Bank, और Tata Steel।

वैश्विक कारक: अमेरिकी Core PCE डेटा पर टिकी नजरें

घरेलू बाजार में इस सतर्कता के पीछे वैश्विक संकेत भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। निवेशकों की निगाहें अमेरिका के आगामी Core PCE (Personal Consumption Expenditures) महंगाई आंकड़ों पर केंद्रित हैं। यह आंकड़ा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती या बदलाव की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तकनीकी दृष्टिकोण (Technical Levels)

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार:
  • सपोर्ट (Support): निफ्टी 50 के लिए 24,200 का स्तर एक तात्कालिक और अत्यंत महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र है। यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट और बढ़ सकती है।
  • रेजिस्टेंस (Resistance): ऊपर की तरफ 24,300–24,400 की सीमा एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन के रूप में काम करेगी।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: 26 अगस्त 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक पर बंद हुए?
उत्तर: सेंसेक्स 183.15 अंक (0.24%) गिरकर 77,472.94 पर और निफ्टी 126.80 अंक (0.52%) की गिरावट के साथ 24,207.75 के स्तर पर बंद हुआ।
Q2: किस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई?
उत्तर: Nifty IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा लगभग 1.47% की गिरावट रही। इसमें इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे शेयर प्रमुख रूप से दबाव में रहे।
Q3: निफ्टी के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: निफ्टी के लिए नीचे 24,200 का सपोर्ट स्तर और ऊपर 24,300 से 24,400 का रेजिस्टेंस जोन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या फंड में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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