एएमयू फिजिक्स विभाग से गायब हुई सीवी रमन की फोटो? पूर्व विभागाध्यक्ष के आरोपों ने मचाया हड़कंप

लखनऊ. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विवाद का केंद्र भौतिकी विभाग (Physics Department) है, जहाँ से नोबेल पुरस्कार विजेता भारत रत्न डॉ. सीवी रमन की तस्वीर हटाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं।

AMU फोटो विवाद: क्या है पूरा मामला?

1. घटना की पृष्ठभूमि

विवाद की शुरुआत तब हुई जब भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनीसुल ऐन उस्मानी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत दी। उनके अनुसार:

  • 15 अक्टूबर 2025 को विभाग के प्रवेश द्वार की मुख्य दीवार पर लगी डॉ. सीवी रमन की एक बड़ी तस्वीर को हटा दिया गया था।

  • इसके साथ ही नोबेल विजेता प्रो. आर्थर कॉम्पटन, प्रो. अब्दुस सलाम और प्रो. टी. काजीता की तस्वीरें भी हटाई गई थीं।

2. ताजा स्थिति और विवाद का कारण

जब इन तस्वीरों को हटाने पर विभाग के भीतर हंगामा हुआ, तो प्रशासन ने एक संयुक्त पैनल (Joint Panel) तैयार किया। इसमें अन्य वैज्ञानिकों की तस्वीरें तो वापस लगा दी गईं, लेकिन डॉ. सीवी रमन की तस्वीर को अब तक वापस नहीं लगाया गया है। प्रो. उस्मानी का आरोप है कि 3 महीने बीत जाने और कुलपति को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे उन्होंने महान भारतीय वैज्ञानिक का अपमान बताया है।

3. विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर विभाग और प्रशासन की राय बंटी हुई है:

  • भौतिकी विभागाध्यक्ष (प्रो. मोहम्मद सज्जाद अथर): उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका दावा है कि तस्वीर हटाई नहीं गई है बल्कि वह विभाग में ही लगी हुई है और शिकायत बेवजह की गई है।

  • कुलसचिव (प्रो. आसिम जफर): उन्होंने इस मामले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है।

शिक्षाविदों और जनसंपर्क विभाग की प्रतिक्रिया

  • जनसंपर्क विभाग (PRO): यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क विभाग ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि AMU से किसी भी वैज्ञानिक की तस्वीर नहीं हटाई गई है।

  • शिक्षाविदों का तर्क: कई बुद्धिजीवियों का मानना है कि डॉ. सीवी रमन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में भारत का मस्तक ऊंचा किया, उनकी तस्वीर का गायब होना अकादमिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है।

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब देश गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (28 फरवरी) की तैयारी कर रहा है। AMU जैसे ऐतिहासिक संस्थान में भारत के एकमात्र भौतिकी नोबेल विजेता की तस्वीर पर विवाद होना इसकी छवि को प्रभावित कर सकता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *