ईरान में महासंकट: सत्ता संघर्ष और होर्मुज की नाकेबंदी से कांपी दुनिया

Saransh Kanaujia
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तेहरान | गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। एक तरफ राष्ट्रपति कार्यालय और विदेश मंत्रालय अमेरिका के साथ बातचीत कर आर्थिक प्रतिबंधों से राहत चाहता है, वहीं दूसरी ओर इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) किसी भी तरह के समझौते को सिरे से खारिज कर रही है।

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सेहत और उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। खबरों के मुताबिक, वे रूस में इलाज कराकर लौटे हैं, लेकिन अभी भी कई शीर्ष सैन्य अधिकारी उनसे सीधे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस ‘पावर वैक्यूम’ का फायदा उठाकर IRGC अपनी स्वतंत्र सत्ता चलाने की कोशिश कर रही है।

होर्मुज स्ट्रेट: कब खुला, कब बंद?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान के भीतर से आने वाले विरोधाभासी बयानों ने दुनिया को भ्रम में डाल दिया है:

  • विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में संकेत दिया था कि व्यापारिक जहाजों के लिए मार्ग खुला रहेगा ताकि बातचीत का माहौल बने।

  • इसके ठीक उलट, IRGC नौसेना ने घोषणा की कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक किसी भी जहाज को उनकी अनुमति के बिना गुजरने नहीं दिया जाएगा।

  • ताजा अपडेट (19 अप्रैल 2026): तनाव इतना बढ़ गया है कि ईरानी सेना ने कुछ जहाजों पर फायरिंग की खबरें भी दी हैं, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।

सत्ता के दो गुटों में दरार

विश्लेषक मानते हैं कि ईरान दो धड़ों में बंट चुका है:

  1. प्रैग्मेटिक गुट (Pragmatists): संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में यह गुट मानता है कि बिना अमेरिका से बात किए डूबती अर्थव्यवस्था को नहीं बचाया जा सकता।

  2. हार्डलाइनर गुट (Hardliners): IRGC के कमांडर और कट्टरपंथी नेता मानते हैं कि अमेरिका केवल ईरान को कमजोर करना चाहता है। इनका मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना ही एकमात्र हथियार है।

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संभावित सुधार और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति को “ब्लैकमेलिंग” करार दिया है। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से ही भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आता है। हालांकि, कुछ रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान यह सब केवल बेहतर ‘डीलिंग’ के लिए कर रहा है।

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