डोडा हादसा: दुर्गम पहाड़ियों में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, 10 जवानों का सर्वोच्च बलिदान

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर गुरुवार (22 जनवरी) को सेना का एक बुलेटप्रूफ ‘कैस्पर’ (Casper) वाहन गहरी खाई में गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में 10 बहादुर जवानों ने देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

  • स्थान: यह हादसा डोडा जिले के खन्नी टॉप (Khanni Top) इलाके में हुआ, जो समुद्र तल से लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

  • घटना का क्रम: सेना का वाहन 17 से 21 जवानों को लेकर एक हाई-एल्टीट्यूड पोस्ट की ओर जा रहा था। खराब मौसम और भारी कोहरे (Fog) के कारण दृश्यता कम थी। मोड़ काटते समय चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क से फिसलकर करीब 200 से 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

  • तत्काल बचाव कार्य: हादसे के तुरंत बाद सेना, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियां आईं।

2. बलिदान और घायल जवानों की स्थिति

  • बलिदान: घटनास्थल पर ही 4 जवानों की मृत्यु हो गई थी, जबकि 6 अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

  • इलाज: घायल 11 जवानों में से 10 को तत्काल उधमपुर स्थित आर्मी कमांड हॉस्पिटल एयरलिफ्ट किया गया है। कुछ जवानों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

3. राष्ट्रीय शोक और संवेदनाएं

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “राष्ट्र इन वीर जवानों की सेवा और बलिदान को हमेशा याद रखेगा। शोक संतप्त परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।”

  • उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: LG सिन्हा ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और बलिदानियों को नमन किया है।

  • मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला: सीएम ने भी इस घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए त्वरित बचाव अभियान की सराहना की।

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