1984 दंगा मामला: जनकपुरी-विकासपुरी हिंसा में सज्जन कुमार बरी, क्या है कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें?

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हुई हिंसा से जुड़े इस मामले में सज्जन कुमार को 22 जनवरी 2026 को बरी कर दिया गया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। यह मामला पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी क्षेत्रों में हुई हिंसा से संबंधित था, जिसमें तीन लोगों की जान गई थी।

1. अदालत का मुख्य तर्क: ‘संदेह से परे सबूत नहीं’

विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) सज्जन कुमार की घटनास्थल पर मौजूदगी या हिंसा भड़काने के आरोपों को ‘संदेह से परे’ (Beyond Reasonable Doubt) साबित करने में विफल रहा।

  • गवाहों की पहचान पर सवाल: कोर्ट ने नोट किया कि कई गवाहों ने तीन दशकों से अधिक समय तक आरोपी का नाम नहीं लिया था। इतनी देरी से की गई पहचान पर भरोसा करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकता है।

  • भावनाओं से ऊपर कानून: जज ने कहा कि हालांकि पीड़ितों का दर्द असहनीय है, लेकिन अदालत को केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला देना होता है।

2. क्या था पूरा मामला?

यह मामला 2015 में केंद्र सरकार द्वारा गठित SIT (विशेष जांच दल) द्वारा दर्ज की गई दो एफआईआर (FIR) पर आधारित था:

  • जनकपुरी मामला: 1 नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या।

  • विकासपुरी मामला: 2 नवंबर 1984 को गुरचरण सिंह को कथित तौर पर जिंदा जला देने की घटना।

SIT ने आरोप लगाया था कि सज्जन कुमार ने भीड़ को उकसाया था, जिसके कारण गुरुद्वारों और सिखों की संपत्तियों को निशाना बनाया गया।

3. पीड़ित परिवारों में रोष और अगली रणनीति

कोर्ट के इस फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर मार्मिक दृश्य देखे गए। कई पीड़ित परिवार न्याय न मिलने की बात कहते हुए फूट-फूटकर रो पड़े।

  • वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फुल्का ने इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है।

  • पीड़ित परिवारों और उनके वकीलों ने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

⚠️ क्या सज्जन कुमार जेल से बाहर आएंगे?

नहीं। इस मामले में बरी होने के बावजूद सज्जन कुमार अभी जेल में ही रहेंगे।

  • वे सुलतानपुरी (पालम कॉलोनी) मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

  • इसके अलावा, फरवरी 2025 में एक अन्य निचली अदालत ने उन्हें सरस्वती विहार मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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