मोदी कैबिनेट का फैसला: 2031 तक बढ़ी अटल पेंशन योजना, SIDBI को MSME के लिए ₹5000 करोड़ की मंजूरी

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 जनवरी 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास को लेकर दो अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जहाँ एक ओर अटल पेंशन योजना (APY) को अगले 5 वर्षों के लिए विस्तार दिया गया है, वहीं SIDBI के माध्यम से MSME सेक्टर को नई ऊर्जा देने के लिए भारी निवेश को मंजूरी दी गई है।

1. अटल पेंशन योजना (APY): 2030-31 तक विस्तार

केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए चलाई जा रही अपनी फ्लैगशिप स्कीम अटल पेंशन योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।

  • प्रमुख उद्देश्य: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापे में न्यूनतम ₹1,000 से ₹5,000 की मासिक पेंशन की गारंटी सुनिश्चित करना।

  • सरकारी सहायता: सरकार ने इसके लिए प्रचार, क्षमता निर्माण और गैप फंडिंग (Viability Gap Funding) को भी मंजूरी दी है ताकि योजना की स्थिरता बनी रहे।

  • वर्तमान स्थिति: 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़ चुके हैं।

2. MSME सेक्टर को संजीवनी: SIDBI को ₹5,000 करोड़ की सहायता

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी पूंजी डालने का फैसला किया है।

  • पूंजी निवेश का प्रारूप: यह राशि तीन किश्तों में दी जाएगी:

    1. FY 2025-26: ₹3,000 करोड़।

    2. FY 2026-27: ₹1,000 करोड़।

    3. FY 2027-28: ₹1,000 करोड़।

  • बड़ा प्रभाव: इस निवेश से SIDBI को बाजार से कम दरों पर संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। अनुमान है कि इससे 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों को लाभ होगा।

  • रोजगार सृजन: सरकार का लक्ष्य है कि इस वित्तीय सहायता के माध्यम से 2028 तक लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।

तुलनात्मक चार्ट: कैबिनेट निर्णयों का सारांश

योजना/संस्थान स्वीकृत राशि/अवधि मुख्य लक्ष्य (Target) अपेक्षित परिणाम
अटल पेंशन योजना 2030-31 तक विस्तार असंगठित क्षेत्र के श्रमिक वित्तीय सुरक्षा और ‘विकसित भारत @2047’
SIDBI (MSME) ₹5,000 करोड़ (इक्विटी) सूक्ष्म और लघु उद्योग 1.12 करोड़ नए रोजगार का सृजन

सरकार के ये निर्णय ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करते हैं। जहाँ APY के माध्यम से गरीबों को सामाजिक सुरक्षा कवच दिया जा रहा है, वहीं SIDBI को मजबूत कर छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

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