पाकिस्तान के बन्नू में भीषण फिदायीन हमला: लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दो जवान शहीद, जवाबी कार्रवाई में 5 आतंकी ढेर

पेशावर. पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बन्नू जिले में एक बड़े इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन (IBO) के दौरान आतंकियों ने सेना के काफिले को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी, लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल फराज, और सिपाही करामत शाह शहीद हो गए।

हमले का घटनाक्रम: कैसे हुआ धमाका?

आधिकारिक सैन्य सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब सेना का एक काफिला आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर ऑपरेशन के लिए निकल रहा था।

  • हमले का तरीका: हमलावर ने विस्फोटकों से लदी एक मोटरसाइकिल (या हल्के वाहन) का इस्तेमाल किया।

  • टक्कर: आतंकी ने तेज रफ्तार वाहन को सीधे सेना की गाड़ी से टकरा दिया।

  • प्रभाव: धमाका इतना शक्तिशाली था कि सैन्य वाहन के परखच्चे उड़ गए और दूर-दराज के इलाकों तक इसकी गूंज सुनी गई।

‘फितना अल-ख्वारिज’ (TTP) पर लगा आरोप

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने इस हमले के पीछे ‘फितना अल-ख्वारिज’ का हाथ होने का अंदेशा जताया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार अब आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को इसी नाम से संबोधित करती है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि TTP ने हाल के महीनों में अपनी रणनीति बदली है और अब वे सीधे आमने-सामने की जंग के बजाय ‘हिट एंड रन’ और ‘फिदायीन हमलों’ पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई: 5 आतंकी ढेर

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और ‘कॉर्डन एंड सर्च’ ऑपरेशन शुरू किया।

  1. जवाबी गोलीबारी में 5 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया गया है।

  2. इलाके में भारी संख्या में अतिरिक्त कुमुद भेजी गई है ताकि छिपे हुए अन्य हमलावरों को पकड़ा जा सके।

  3. बन्नू और आसपास के जिलों (लक्की मरवत, डेरा इस्माइल खान) में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है।

खैबर पख्तूनख्वा में क्यों बढ़ रहे हैं हमले? (विश्लेषण)

अफगानिस्तान की सीमा से सटे इन जिलों में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:

  • सीमा पार सुरक्षित ठिकाने: पाकिस्तान अक्सर आरोप लगाता रहा है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • आधुनिक हथियारों का उपयोग: नाटो द्वारा छोड़े गए आधुनिक हथियारों तक आतंकियों की पहुंच ने उन्हें और घातक बना दिया है।

  • ऑपरेशन ‘अज्म-ए-इस्तेहकाम’: हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने आतंकियों के खिलाफ इस नए सैन्य अभियान की घोषणा की है, जिसके जवाब में आतंकी संगठन अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

बन्नू में हुआ यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान है। एक कमांडिंग ऑफिसर रैंक के अधिकारी का शहीद होना सेना के मनोबल और सुरक्षा चूक, दोनों की ओर इशारा करता है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इलाके में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अभियान चला रही हैं।

matribhumisamachar.com

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