मोटापा एक महामारी: भारत में बढ़ते मोटापे के कारण और बचाव के उपाय

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. भारत, जो कभी कुपोषण से जूझ रहा था, अब एक विपरीत संकट का सामना कर रहा है—मोटापा (Obesity)। नवीनतम स्वास्थ्य रिपोर्टों और NFHS-5 (2019-21) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में मोटापे की दर चिंताजनक रूप से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही, तो 2050 तक भारत की एक-तिहाई आबादी मोटापे का शिकार हो जाएगी।

प्रमुख आंकड़े: क्या कहती है रिपोर्ट?

  • वयस्क जनसंख्या: भारत में लगभग 24% महिलाएं और 23% पुरुष अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त हैं।

  • बचपन का मोटापा: 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापा 2.1% से बढ़कर 3.4% हो गया है। 1990 के बाद से बच्चों में यह समस्या चार गुना बढ़ गई है।

  • लैंसेट (Lancet) की चेतावनी: भारत में ‘उदरीय मोटापा’ (कमर का घेरा बढ़ना) महिलाओं में 40% और पुरुषों में 12% तक पहुंच गया है।

मोटापा बढ़ने के मुख्य कारण (Lifestyle Factors)

मोटापे का बढ़ना केवल ज्यादा खाने से नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का परिणाम है:

  1. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF): डिब्बाबंद स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स और जंक फूड का बाजार 2006 से अब तक 40 गुना बढ़ गया है। इनमें अत्यधिक चीनी, नमक और हानिकारक फैट होता है।

  2. शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle): ऑफिस में घंटों बैठना, आवागमन के लिए वाहनों पर निर्भरता और घरेलू कामों के लिए गैजेट्स के इस्तेमाल ने शारीरिक श्रम को खत्म कर दिया है।

  3. बढ़ता स्क्रीन टाइम: वयस्कों और बच्चों में मोबाइल/टीवी का बढ़ता उपयोग नींद के चक्र को बिगाड़ रहा है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।

  4. तनाव और ‘इमोशनल ईटिंग’: मानसिक तनाव के कारण लोग अक्सर भूख न होने पर भी ‘कंफर्ट फूड’ (मीठा या तला हुआ) खाते हैं, जो सीधा मोटापे में बदलता है।

विशेषज्ञों की सलाह: कैसे पायें इस पर काबू?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और FSSAI के ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान के अनुसार, कुछ सरल बदलाव इस महामारी को रोक सकते हैं:

1. आहार में बदलाव (Dietary Changes)

  • पारंपरिक भोजन की ओर वापसी: बाजरा (Millets), फल, सब्जियां और दालों को प्राथमिकता दें।

  • 70/30 का नियम: अपनी प्लेट का 70% हिस्सा प्राकृतिक और रेशेदार (Fiber) भोजन से भरें।

  • चीनी और नमक पर नियंत्रण: पैकेट बंद जूस के बजाय ताजे फल खाएं और नमक का सेवन सीमित करें।

2. एक्टिव लाइफस्टाइल (Physical Activity)

  • 30 मिनट का नियम: सप्ताह में कम से कम 5 दिन 30 मिनट की तेज सैर (Brisk Walking) अनिवार्य है।

  • डेस्क एक्सरसाइज: हर 30-40 मिनट के काम के बाद 5 मिनट का ‘स्ट्रेच ब्रेक’ लें।

  • घरेलू काम: खाना बनाना, बागवानी या घर की सफाई को व्यायाम के रूप में देखें।

3. नींद और मानसिक स्वास्थ्य

  • 7-8 घंटे की नींद: अपर्याप्त नींद भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (Ghrelin) को सक्रिय करती है।

  • योग और ध्यान: तनाव कम करने के लिए प्रतिदिन 15 मिनट योग करें ताकि ‘बिंज ईटिंग’ (Binge Eating) से बचा जा सके।

बचपन के मोटापे को रोकने के उपाय

यह वीडियो विशेष रूप से बच्चों में बढ़ते मोटापे के कारणों और उसे रोकने के व्यावहारिक तरीकों को विस्तार से समझाता है, जो आपकी रिपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ हो सकता है।

मोटापा केवल एक शारीरिक स्थिति नहीं, बल्कि मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी दर्जनों बीमारियों की जड़ है। भारत सरकार द्वारा ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और स्कूलों में ‘मिलेट मील’ जैसी पहल इस दिशा में सकारात्मक कदम हैं, लेकिन व्यक्तिगत जागरूकता ही इस महामारी का असली समाधान है।

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