शिक्षा द्वारा केवल जानकारी देने के बजाय छात्रों का ज्ञानवर्धन हो – भय्याजी जोशी

Saransh Kanaujia
2 Min Read

डीईएस पुणे विश्वविद्यालय में शिक्षा विद्या शाखा का उद्घाटन

पुणे, 19 जनवरी।

डीईएस पुणे विश्वविद्यालय में शिक्षा विद्या शाखा के उद्घाटन अवसर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि शिक्षा के कारण आज समाज में जानकारी और बुद्धि से भरपूर वर्ग देखा जाता है। लेकिन, ज्ञान पर आधारित शिक्षा की कमी के कारण संपूर्ण मनुष्य बनाने की प्रक्रिया थम सी गई। इसके लिए, सभी स्तरों पर शिक्षा प्रणाली का फिर से मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम फर्ग्यूसन कॉलेज के एम्फीथिएटर में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी (डीईएस) के अध्यक्ष प्रमोद रावत, उपाध्यक्ष एड. अशोक पलांडे, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र आचार्य, सचिव डॉ. आनंद काटीकर, कुलपति डॉ. राजेश इंगले और विद्या शाखा  प्रमुख डॉ. जयंत कुलकर्णी उपस्थित थे।

भय्याजी जोशी ने कहा, “शिक्षा द्वारा केवल जानकारी देने की बजाय छात्रों का ज्ञानवर्धन हो, यह समय की मांग है। बाहर से व्यक्तित्व को विकसित करना आसान है; लेकिन ‘व्यक्तिमत्त्व’ विकसित करना अधिक चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए शिक्षा का सम्यक, संतुलित और समन्वित होना आवश्यक है। सबको मिलकर शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।” उन्होंने सज्जन शक्ति के व्यावहारिक प्रकटीकरण की आवश्यकता व्यक्त की।

डॉ. रवींद्र आचार्य ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की समाजोन्मुखता पर बल दिया। आशा व्यक्त की कि “मनुष्य निर्माण की प्रक्रिया में आदर्श अध्यापक बनाने का कार्य इस विद्याशाखा से होगा।” उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न अभिनव उपक्रमों की जानकारी दी।

डॉ. जयंत कुलकर्णी ने कहा कि “देश और समाज के निर्माण हेतु गुणवान अध्यापकों की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति में अपेक्षित अध्यापक इस विद्या शाखा से बनाए जाएंगे। यहां स्थापित होने वाला ‘सम्यक केंद्र’ सामाजिक समस्याओं का अध्ययन, प्रशिक्षण, जनजागरण, नीती निर्धारण और अध्यापक विकास के लिए कार्य करेगा”।

साभार : विश्व संवाद केंद्र

Related Post

Share This Article