गुजरात के खेड़ा में हैवानियत: 3 साल तक नाबालिग का शोषण, पुलिस ने आरोपियों की निकाली सार्वजनिक परेड; 8 गिरफ्तार

अहमदाबाद | रविवार, 19 अप्रैल 2026

गुजरात के खेड़ा जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ पिछले तीन वर्षों से सामूहिक दुष्कर्म किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पुलिस ने उसी इलाके में सार्वजनिक परेड निकाली, जहां पीड़िता के साथ दरिंदगी हुई थी।

प्रेमजाल से ब्लैकमेलिंग तक का खौफनाक सफर

पुलिस जांच में सामने आया कि यह सिलसिला तीन साल पहले शुरू हुआ था। गांव के ही परवेज पठान नाम के युवक ने नाबालिग को अपने प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद उसने पीड़िता के कुछ निजी और अश्लील वीडियो बना लिए। इन वीडियो के आधार पर वह किशोरी को बदनाम करने की धमकी देने लगा और न केवल खुद, बल्कि अपने दोस्तों के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा।

ईद से पहले फिर की दरिंदगी

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि हाल ही में रमजान के महीने में, ईद से महज दो दिन पहले आरोपियों ने उसे फिर से अगवा कर लिया। उसे अलग-अलग ठिकानों पर ले जाया गया, जहां दो-तीन दिनों तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो वे उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: सार्वजनिक परेड और गिरफ्तारी

मामला दर्ज होते ही खेड़ा पुलिस ने एक्शन मोड में आते हुए छापेमारी शुरू की। पुलिस ने अब तक निम्नलिखित 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. परवेज अनवर खान (मुख्य आरोपी)

  2. माहिर पठान

  3. फैजान पठान

  4. तौफीक पठान

  5. साहिल लियाकत खान

  6. अयान पठान

  7. मोईन

  8. मारून

पुलिस ने इन सभी को घटनास्थल के आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में घुमाया, जिसे देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करने लगे।

एक आरोपी अब भी फरार

इस मामले में पुलिस ने कुल 9 लोगों को नामजद किया है। 8 आरोपी सलाखों के पीछे हैं, जबकि सलमान पठान नामक एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

कानून और प्रशासन का रुख

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट (नाबालिगों के संरक्षण हेतु) और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने के प्रयास किए जाएंगे ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

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