यमुना एक्सप्रेसवे पर बसेंगी ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’: 500-500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र (YEIDA) के अंतर्गत एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार दोनों अंतरराष्ट्रीय मॉडल टाउनशिप के लिए 500-500 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया जाएगा।

विदेशी निवेश आकर्षित करने की रणनीति

राज्य सरकार का उद्देश्य यमुना एक्सप्रेसवे को एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल और अर्बन हब के रूप में विकसित करना है। जापान और सिंगापुर की कंपनियों के लिए अलग-अलग समर्पित स्मार्ट टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिनमें—

  • हाईटेक इंडस्ट्रियल पार्क
  • आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
  • स्टार्टअप और इनोवेशन सेंटर
  • वर्ल्ड क्लास रेजिडेंशियल जोन
  • इंटरनेशनल स्कूल, हेल्थकेयर और कमर्शियल स्पेस

जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी कनेक्टिविटी

इन दोनों प्रस्तावित स्मार्ट सिटीज़ को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सीधी कनेक्टिविटी देने की योजना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन बेहद आसान होगा। इसके अलावा, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, मेट्रो विस्तार और फ्रेट कॉरिडोर से भी इन टाउनशिप को जोड़ा जाएगा।

रोजगार के नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकसित होने से—

  • हजारों करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आएगा
  • स्थानीय स्तर पर लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे
  • MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
  • रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी आएगी

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द

सूत्रों के अनुसार YEIDA प्रशासन ने भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सहमति आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे को न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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