प्रयागराज: इंस्टाग्राम पर ‘प्रिंस’ बने साहिल की पत्नी का 35 दिन बाद कब्र से निकला शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अस्पष्ट

प्रयागराज । गुरुवार, 18 जून 2026

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ पहचान छिपाकर हिंदू नाम से दोस्ती करने और फिर शादी करने वाले एक मुस्लिम युवक की पत्नी गोल्डी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के करीब 35 दिन बाद, जिला मजिस्ट्रेट (DM) के आदेश पर बुधवार को युवती का शव कब्र खोदकर बाहर निकाला गया और दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा उसका पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, अत्यधिक समय बीत जाने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की अंतिम वजह साफ नहीं हो सकी है।

इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी ‘प्रिंस’ और गोल्डी की लव स्टोरी

मध्य प्रदेश के रीवा जिले की रहने वाली 20 वर्षीय गोल्डी साकेत हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करती थी। वहीं पर प्रयागराज के कौंधियारा क्षेत्र के रहने वाले साहिल खान से उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) के जरिए हुई। साहिल ने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम ‘प्रिंस’ पेश किया था। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और करीब छह महीने पहले दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में शादी कर ली।

शादी के कुछ समय बाद जब गोल्डी को पता चला कि प्रिंस का असली नाम साहिल खान है, तो दोनों के बीच काफी विवाद हुआ। हालांकि, साहिल ने उसे मना लिया और बाद में दोनों ने मस्जिद में निकाह भी कर लिया। कुछ समय बाद साहिल की नौकरी सूरत में लग गई और वह उसे अपने साथ ले गया।

गर्भवती होने पर प्रताड़ना और रहस्यमयी मौत

मृतका की मां बेबी देवी का आरोप है कि साहिल के घरवाले इस शादी से बिल्कुल खुश नहीं थे और उनकी बेटी को लगातार ताने देते थे। फरवरी 2026 में जब गोल्डी गर्भवती हुई, तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी। प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने मायके लौट आई थी, लेकिन साहिल बाद में माफी मांगकर उसे वापस ले गया। वापस ले जाने के बाद साहिल ने गोल्डी का सिम कार्ड तोड़ दिया ताकि वह अपने परिवार से किसी भी तरह का संपर्क न रख सके।

पीड़ित परिवार को 6 जून को अचानक बेटी की मौत की खबर मिली। जब पुलिस जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाला सच सामने आया कि गोल्डी की मौत तो करीब एक महीने पहले यानी 10 मई 2026 को ही हो चुकी थी और अगले ही दिन 11 मई को उसे बिना मायके वालों को सूचना दिए गुपचुप तरीके से कब्रिस्तान में दफना दिया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं स्पष्ट हुई वजह?

परिजनों की शिकायत और कानूनी गुहार के बाद प्रशासन हरकत में आया। 16 जून को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। बुधवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने इसका पोस्टमार्टम किया।

चिकित्सीय कारण: चूंकि मौत को 35 दिन से अधिक का समय हो चुका था, इसलिए शव पूरी तरह सड़ी-गली (Decomposed) हालत में था। इस स्थिति में शरीर के अंग और टिश्यूज (Tissues) इस कदर खराब हो जाते हैं कि मौत का तात्कालिक कारण स्पष्ट कर पाना मुमकिन नहीं होता।

पुलिस की अगली कार्रवाई और विसरा जांच

भले ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न हुआ हो, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका का ‘विसरा’ (Visceral Organs) सुरक्षित रख लिया है। इसे अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जाएगा। विसरा की रासायनिक जांच से यह साफ हो जाएगा कि क्या गोल्डी को उसकी ससुराल में जहर देकर मारा गया था, जैसा कि उसकी मां और छोटी बहन सीतू ने आरोप लगाया है।

साहिल का इस पूरे मामले पर कहना है कि 10 मई को गोल्डी की तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिसके बाद उसे स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल ले जाया गया था जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, बिना मायके वालों को बताए शव को दफनाने की बात पर पुलिस साहिल और उसके परिवार से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की देखरेख में ही शव का अंतिम संस्कार (हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार) करा दिया गया है।

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