हवाई यात्रियों की मौज! DGCA का बड़ा फैसला: अब 60% सीटें होंगी फ्री, परिवार भी बैठेंगे साथ

नई दिल्ली. भारतीय हवाई यात्रियों के लिए केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने खुशियों की सौगात दी है। अब एयरलाइंस कंपनियां सीट चयन (Seat Selection) के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, घरेलू उड़ानों में अब कम से कम 60% सीटें यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी।

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस ऐतिहासिक फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हवाई यात्रा को ‘खास’ से ‘आम’ बनाना और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना है।

🛡️ यात्रियों के लिए 5 सबसे बड़े बदलाव

1. 60% फ्री सीटों का कोटा: अभी तक एयरलाइंस केवल 20% से 25% सीटें ही मुफ्त रखती थीं, जबकि बाकी सीटों के लिए भारी-भरकम चार्ज देना पड़ता था। अब DGCA ने इसे बढ़ाकर 60% कर दिया है, जिससे आम आदमी का सफर सस्ता होगा।

2. एक ही PNR पर साथ बैठेंगे परिवार: अक्सर देखा जाता था कि एक ही टिकट (PNR) पर बुकिंग होने के बावजूद परिवारों को अलग-अलग सीटें दे दी जाती थीं। अब नियम है कि एक PNR वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से साथ या आस-पास की सीटें दी जाएंगी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नई पहल: ‘खास’ से ‘आम’ बनेगा हवाई सफर

3. ‘उड़ान यात्री कैफे’ और किफायती भोजन: एयरपोर्ट्स पर खाने-पीने की महंगी कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने ‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत की है। यहाँ यात्रियों को सस्ती दरों पर भोजन और नाश्ता उपलब्ध होगा।

4. फ्लाईब्ररी (Flybrary) और फ्री वाई-फाई: इंतज़ार के समय को सुखद बनाने के लिए हवाई अड्डों पर मुफ्त किताबों (Flybrary) की सुविधा और हाई-स्पीड मुफ्त वाई-फाई कनेक्टिविटी दी जा रही है।

5. पेट्स और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के लिए आसान नियम: पालतू जानवरों (Pets) को साथ ले जाने और संगीत वाद्ययंत्रों के परिवहन के लिए अब एयरलाइंस को पारदर्शी और सरल नीतियां अपनानी होंगी, ताकि यात्रियों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

हवाई यात्रा के दौरान अपने अधिकारों को कैसे पहचानें? पूरी गाइड

📢 यात्री अधिकारों पर सख्त रुख

DGCA ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई फ्लाइट देरी से चलती है, कैंसिल होती है या बोर्डिंग से इनकार किया जाता है, तो यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन करना होगा।

  • क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी: यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी अब केवल अंग्रेजी-हिंदी ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं में भी दी जाएगी।

  • पारदर्शिता: एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, ऐप और एयरपोर्ट काउंटर्स पर इन नियमों को प्रमुखता से दिखाना होगा।

UDAN योजना: छोटे शहरों से बड़े सपनों की उड़ान

💡 क्या है सरकार का उद्देश्य?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। रोजाना 5 लाख से अधिक लोग हवाई यात्रा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि UDAN योजना के तहत हवाई यात्रा केवल अमीरों का विशेषाधिकार न रहकर हर भारतीय की पहुंच में हो।

अगला कदम: क्या आप अपनी अगली यात्रा के लिए किसी विशेष एयरलाइन के नए नियमों या रिफंड पॉलिसी के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? मैं आपकी सहायता कर सकता हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *