मेरठ: फर्जी दस्तावेजों के आरोप में पाकिस्तानी महिला सबा फरहत गिरफ्तार, बेटी को मिली राहत

Saransh Kanaujia
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) पर रह रही एक पाकिस्तानी महिला, सबा फरहत को पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने उनकी बेटी ऐमन को राहत देते हुए क्लीनचिट दे दी है।

क्या है पूरा मामला?

देहली गेट निवासी सबा फरहत ने वर्ष 1988 में मेरठ के फरहत मसूद से निकाह किया था। वह तब से ही भारत में रह रही हैं। पुलिस जांच के अनुसार, सबा के पास 2032 तक का वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और 2027 तक का भारतीय वीजा मौजूद है, जिसके कारण उन पर अवैध रूप से भारत में रहने का आरोप नहीं बनता।

असली विवाद सबा द्वारा बनवाए गए भारतीय पहचान पत्रों को लेकर है। आरोप है कि सबा ने फर्जी तरीके से दो अलग-अलग नामों (सबा मसूद और नाजिया मसूद) से वोटर आईडी कार्ड बनवाए थे। इसी धोखाधड़ी के मामले में देहली गेट पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

बेटी को क्यों मिली राहत?

सबा की चौथी बेटी ऐमन का जन्म 1993 में पाकिस्तान में हुआ था। वह वर्तमान में मेरठ कचहरी में वकालत करती हैं। पुलिस ने नागरिकता अधिनियम की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि:

  • चूंकि ऐमन के पिता भारतीय नागरिक हैं, इसलिए वह स्वतः ही भारत की नागरिक मानी जाएंगी।

  • जन्म स्थान पाकिस्तान होने के बावजूद, पिता के भारतीय होने के नाते उन्हें इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।

पति पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार

पुलिस अब सबा के पति, फरहत मसूद के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के फर्जी दस्तावेज और वोटर आईडी कार्ड बनवाने में मुख्य भूमिका निभाई।

अहम तथ्य:

  • आरोपी: सबा फरहत (पाकिस्तानी नागरिक)

  • धाराएं: फर्जी दस्तावेज तैयार करना और धोखाधड़ी।

  • स्थिति: 14 दिन की न्यायिक हिरासत।

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