उज्जैन । बुधवार, 17 जून 2026
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, श्री महाकालेश्वर मंदिर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार तड़के सुबह होने वाली प्रसिद्ध चलित भस्म आरती की कतार में लगे एक संदिग्ध युवक को लेकर मंदिर परिसर में भारी हंगामा हो गया। युवक अपनी महिला मित्र के साथ दर्शन के लिए लाइन में लगा हुआ था, लेकिन उसकी संदिग्ध वेशभूषा और हरकतों को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को शक हुआ। पूछताछ और आईडी की जांच के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
तिलक और रुद्राक्ष पहनकर कतार में लगा था युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना रात करीब 2 बजे के आसपास की है। युवक और उसकी महिला मित्र हरसिद्धि चौराहे के पास से शुरू होने वाली चलित भस्म आरती की कतार में खड़े थे। युवक ने पूरी तरह हिंदू धार्मिक वेशभूषा धारण कर रखी थी; उसने अपने माथे पर चंदन का बड़ा सा तिलक (त्रिपुंड) लगा रखा था और गले में रुद्राक्ष की माला पहनी हुई थी।
लाइन में खड़े बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को युवक की गतिविधियों पर कुछ संदेह हुआ। जब कार्यकर्ताओं ने उससे पूछताछ की और उसका आधार कार्ड दिखाने को कहा, तो सच्चाई सामने आते ही वहां मौजूद लोग भड़क गए। आधार कार्ड में युवक की पहचान सरफराज शेख (निवासी पुणे, महाराष्ट्र) के रूप में हुई।
मंदिर परिसर में हंगामा और पुलिस की कार्रवाई
जैसे ही कतार में खड़े श्रद्धालुओं को पता चला कि युवक अपनी पहचान छुपाकर और तिलक-रुद्राक्ष धारण कर भस्म आरती में शामिल होने आया है, वहां मौजूद लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामा खड़ा हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और मंदिर प्रशासन के संबंधित अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़कर महाकाल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसकी महिला मित्र को पूछताछ के बाद आवश्यक सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।
महाकाल थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान और आवश्यक सुधार (Corrections)
सोशल मीडिया और शुरुआती अफवाहों में यह बात फैल रही थी कि युवक मंदिर के गर्भगृह या मुख्य परिसर के भीतर प्रवेश कर चुका था। हालांकि, महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए महत्वपूर्ण सुधार और जानकारी दी है:
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प्रवेश से पहले ही पकड़ा गया: थाना प्रभारी के अनुसार, युवक मंदिर के मुख्य द्वारों के भीतर प्रवेश नहीं कर पाया था। वह बाहर चलित भस्म आरती के लिए लगी कतार में ही खड़ा था, तभी उसे पकड़ लिया गया।
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प्रारंभिक जांच के तथ्य: पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सरफराज अपनी महिला मित्र के साथ पुणे से उज्जैन दर्शन के लिए आया था। उसकी महिला मित्र महाकाल के दर्शन करना चाहती थी, जिसके कारण वह उसके साथ कतार में मौजूद था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी गहनता से जांच की जा रही है। युवक के उज्जैन आने के उद्देश्य और उसकी पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है। जांच में जो भी नए तथ्य या संदिग्ध कड़ियां सामने आएंगी, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाकाल मंदिर में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
यह कोई पहली घटना नहीं है जब महाकालेश्वर मंदिर में कोई गैर-हिंदू अपनी पहचान छुपाकर या नाम बदलकर प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया हो। इससे पहले भी सुरक्षाकर्मियों और सजग हिंदू संगठनों द्वारा ऐसे संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है। महाकाल मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की बात कही है ताकि भविष्य में भस्म आरती या अन्य विशेष दर्शनों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या सांप्रदायिक तनाव से बचा जा सके।
