बंगाल में बड़ा सियासी उलटफेर: अभिषेक बनर्जी के करीबी टीएमसी नेता मोइदुल इस्लाम गिरफ्तार

कोलकाता बुधवार, 17 जून 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन और प्रशासनिक फेरबदल के बाद से ही पुरानी कानून-व्यवस्था और वित्तीय मामलों को लेकर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह राज्य की डायमंड हार्बर थाना पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शिक्षक संगठन के शीर्ष और बेहद प्रभावशाली नेता मोइदुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया।

मोइदुल इस्लाम को डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी का अत्यंत करीबी और उनके छत्रछाया में रहने वाला सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता है। इस गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण 24 परगना सहित पूरे बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला? (2022 की डेथ मिस्ट्री)

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोइदुल इस्लाम की यह गिरफ्तारी करीब 4 साल पुराने यानी साल 2022 के एक बेहद संवेदनशील मामले में हुई है। सितंबर 2022 में दक्षिण 24 परगना जिले के बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के तत्कालीन उपप्रधान देवब्रत उर्फ निमाई भट्टाचार्य की संदिग्ध परिस्थितियों में असामान्य मौत हो गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट (स्यूसाइड नोट) मिला था, जिसमें सीधे तौर पर मोइदुल इस्लाम और स्थानीय पंचायत प्रधान के नामों का उल्लेख किया गया था। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव के बाद पुलिस ने इस पुरानी फाइल को दोबारा खोला है और अब पुलिस मोइदुल से सघन पूछताछ कर रही है।

गिरफ्तारी से ठीक पहले का हाई-वोल्टेज ड्रामा

इस पूरी गिरफ्तारी में सबसे चौंकाने वाली बात इसकी टाइमिंग रही। गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले सोमवार को जब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी केंद्रीय एजेंसी के बुलावे पर कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) गए थे, तब मोइदुल इस्लाम साए की तरह उनके ठीक पीछे खड़े नजर आए थे।

जैसे ही डायमंड हार्बर पुलिस को भनक लगी, पुलिस टीम साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स की तरफ रवाना हुई। हालांकि, मोइदुल वहां से पहले ही निकल गए और ट्रेन के जरिए भागने की फिराक में थे। आखिरकार मंगलवार सुबह पुलिस ने उन्हें डायमंड हार्बर के हॉटुगंज (নেতড়া স্টেশন) इलाके से धर दबोचा।

मोइदुल इस्लाम का सोशल मीडिया पोस्ट:

अपनी गिरफ्तारी की आशंका को भांपते हुए मोइदुल ने सोमवार रात को ही इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुलिस उन्हें तलाश रही है। उन्होंने आगे लिखा— “पुलिस मुझे चाहे जितनी बार भी गिरफ्तार कर ले, मैं ममता दीदी और अभिषेक बनर्जी के साथ हमेशा मुस्तैदी से खड़ा रहूंगा।” दूसरी तरफ, कोर्ट ले जाते समय मोइदुल ने मीडिया से कहा कि उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया जा रहा है।

बदले राजनीतिक माहौल में कसता शिकंजा

बंगाल में हालिया राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों के बाद से ही पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं, जबरन वसूली, और गंभीर अपराधों के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मोइदुल इस्लाम से पहले भी अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले शौकत मोल्ला और जहांगीर खान जैसे कई कद्दावर नेताओं पर कानूनी डंडा चल चुका है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले की गहराई से जांच करने पर उस समय के कई अन्य स्थानीय सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन के राज भी सामने आ सकते हैं।

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