कानपुर | शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पिछले 24 घंटों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार लुटेरे मुन्ना खान की दोबारा गिरफ्तारी के साथ समाप्त हुआ। बर्रा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर मुन्ना खान ने न केवल पुलिस को चुनौती दी थी, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
अस्पताल में ‘फ्रीडम’ का अंत
जानकारी के अनुसार, मुन्ना खान ने 16 अप्रैल को बर्रा बाईपास पर एक मोटरसाइकिल लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एलएलआर (हैलट) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में उसकी निगरानी के लिए चार दरोगा और एक सिपाही की भारी-भरकम टीम तैनात थी। इसके बावजूद, शुक्रवार तड़के मुन्ना खान मौका पाकर वहां से गायब हो गया। इस फरारी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पूरे शहर की नाकेबंदी कर दी गई।
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क्राइम ब्रांच और सर्विलांस का ‘जाल’
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच और स्वॉट (SWAT) टीम को तुरंत सक्रिय किया। पुलिस ने मुन्ना खान के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की। सटीक इनपुट मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया।
लापरवाही पर ‘हंटर’: 5 पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
अपराधी के पकड़े जाने के बाद अब गाज उन पुलिसकर्मियों पर गिरने वाली है जिनकी नाक के नीचे से वह फरार हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
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अस्पताल में तैनात चारों दरोगा और सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए इन्हें निलंबित (Suspend) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारी का बयान: “अपराधी को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अभिरक्षा से भागना एक गंभीर मामला है, इसमें जो भी सुरक्षाकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” — दीपेंद्र नाथ चौधरी, डीसीपी साउथ
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मुख्य बिंदु:
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मुठभेड़: 16 अप्रैल को बर्रा बाईपास पर हुई लूट के बाद पैर में गोली लगने से हुआ था घायल।
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फरारी: सुरक्षा में तैनात 4 दरोगा और 1 सिपाही को चकमा देकर अस्पताल से भाग निकला।
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पकड़: तकनीकी सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की घेराबंदी के बाद दोबारा सलाखों के पीछे।
