LPG संकट: होर्मुज की जंग और भारत में गैस की किल्लत, क्या अब सिलेंडर सरेंडर करना होगा?

नई दिल्ली. भारत में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर गहराया संकट अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों ने भारतीय रिफाइनरियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, कूटनीतिक कोशिशों के बीच राहत की कुछ किरणें भी दिखाई दी हैं।

🚢 मुंद्रा और कांडला पहुंचे ‘संकटमोचक’ जहाज

भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की सक्रियता के बाद दो बड़े टैंकर भारत पहुंच चुके हैं:

  • शिवालिक (Shivalik): यह जहाज 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर डॉक कर चुका है।

  • नंदा देवी (Nanda Devi): करीब 46,000 मीट्रिक टन गैस लेकर यह टैंकर 17 मार्च की सुबह कांडला पोर्ट पहुंच गया है।

  • करंट स्टेटस: इन दो जहाजों से मिली करीब 91,000 टन गैस देश की केवल 1.5 दिन की खपत पूरी कर सकती है। अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए ईरान के साथ उच्चस्तरीय बातचीत जारी है।

📉 आंकड़े जो डरा रहे हैं: क्यों है यह ‘चिंताजनक’ स्थिति?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए समुद्री मार्गों पर अत्यधिक निर्भर है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़ों के जरिए खतरे को स्पष्ट किया:

विवरण सांख्यिकी (2025-26)
कुल आयात निर्भरता 60% (LPG की कुल जरूरत का)
होर्मुज मार्ग का हिस्सा कुल आयात का 90%
दैनिक आवश्यकता 60,000 मीट्रिक टन
घरेलू उत्पादन 1.1 करोड़ मीट्रिक टन (वार्षिक)

बड़ा बदलाव: सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।

🛡️ सरकार का ‘मास्टर स्ट्रोक’: PNG पर बड़ा फैसला

एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “LPG नियंत्रण आदेश 2026” में संशोधन किया है। इसके तहत:

  1. अनिवार्य सरेंडर: जिन घरों में PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन चालू है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा।

  2. नया कनेक्शन बंद: अब PNG वाले घरों को नया एलपीजी कनेक्शन या रिफिल नहीं दिया जाएगा।

  3. मिशन मोड पर PNG: राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे PNG नेटवर्क के विस्तार के लिए पुराने प्रस्तावों को तुरंत मंजूरी दें। वर्तमान में देश में 1.65 करोड़ PNG कनेक्शन हैं, जिन्हें तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य है।

🏭 घरेलू रिफाइनरियों को “इमरजेंसी मोड” पर रहने के निर्देश

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन को 38% तक बढ़ाने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा:

  • रूस और अमेरिका से मदद: अमेरिका से खरीदी गई एलपीजी को पहुंचने में अभी 4-5 हफ्ते लगेंगे।

  • चीन से टक्कर: वैश्विक बाजार में चीन की आक्रामक बोली (Aggressive Bidding) के कारण गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे भारत के लिए स्पॉट मार्केट से खरीदारी महंगी हो रही है।

🧭 आगे का रास्ता: क्या सामान्य होंगे हालात?

आने वाले 10-15 दिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि होर्मुज मार्ग से सप्लाई बहाल नहीं होती है, तो सरकार केरोसिन (Kerosene) के अतिरिक्त आवंटन (48,000 KL) और वैकल्पिक स्रोतों पर और कड़ाई से विचार कर सकती है।

निष्कर्ष: यह संकट भारत के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है कि अब रसोई घर को केवल सिलेंडरों के भरोसे नहीं, बल्कि पाइपलाइन और विविध ऊर्जा स्रोतों से जोड़ना अनिवार्य है।

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