विरासत और आधुनिकता का संगम: 2500 साल पुराने वडनगर का ‘स्मार्ट’ कायाकल्प

Saransh Kanaujia
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए गुजरात सरकार ने ऐतिहासिक शहर वडनगर को संतुलित विकास के एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है। 2500 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को संजोए यह शहर आज अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और प्राचीन संस्कृति के अनूठे मेल का जीवंत उदाहरण बन गया है।

दुनिया का पहला अनुभवात्मक ज्ञान केंद्र: ‘प्रेरणा’

वडनगर केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को गढ़ने का केंद्र भी बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के प्राथमिक विद्यालय को ‘प्रेरणा संकुल’ के रूप में विकसित किया गया है, जो दुनिया का पहला अनुभवात्मक ज्ञान-आधारित शिक्षा केंद्र है। इसके साथ ही, ₹300 करोड़ की लागत से बना पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय भारत का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहाँ हालिया उत्खनन से प्राप्त 5,000 से अधिक कलाकृतियों को 9 विशेष दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है।

देश की पहली भव्य ‘वृंदावन गौशाला’

पशु संरक्षण और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वडनगर में ₹15 करोड़ की लागत से देश की पहली ‘वृंदावन गौशाला’ का निर्माण किया जा रहा है। इसे एक ‘रूरल इनोवेशन हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो देश भर की अन्य गौशालाओं के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगी।

बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव

गुजरात शहरी विकास कंपनी के नेतृत्व में शहर का चेहरा बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है:

  • तालाबों का नेटवर्क: जल संचयन के लिए 40 से अधिक तालाबों को आपस में जोड़ा जा रहा है, जिससे शहर की जल निकासी व्यवस्था ‘ग्रेविटी फ्लो सिस्टम’ पर आधारित होगी।

  • अदृश्य बिजली लाइनें: शहर की सुंदरता निखारने के लिए ओवरहेड बिजली की तारों को हटाकर भूमिगत विद्युतीकरण किया जा रहा है।

  • सौर शहर (Solar City): सरकारी इमारतों और घरों पर सोलर पैनल लगाकर वडनगर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

यूनेस्को विश्व धरोहर की दौड़ में वडनगर

अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत जैसे कीर्ति तोरण, शर्मिष्ठा तालाब और बौद्ध मठ के अवशेषों के कारण वडनगर अब एक विश्व स्तरीय हेरिटेज-टूरिज्म डेस्टिनेशन बन चुका है। सरकार ने इसे यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए नॉमिनेशन डॉजियर और साइट मैनेजमेंट प्लान भी तैयार कर लिया है।

योजनाबद्ध पुनर्वास, स्लम रीडेवलपमेंट और हेरिटेज रोड के विकास के माध्यम से वडनगर न केवल सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, बल्कि स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

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