अहमदाबाद में आस्था का महासंगम: 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम भूपेंद्र पटेल ने निभाई परंपराएं

Saransh Kanaujia
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अहमदाबाद । गुरुवार, 16 जुलाई 2026

गुजरात की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाने वाली ऐतिहासिक अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा (149वीं) का पारंपरिक उल्लास और भव्यता के साथ शुभारंभ हो चुका है。 अहमदाबाद के ऐतिहासिक जमालपुर क्षेत्र में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में तड़के से ही देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए।

गृह मंत्री अमित शाह ने की मंगला आरती, सीएम ने निभाई ‘पहिंद विधि’

रथ यात्रा के औपचारिक शुभारंभ से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तड़के मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और नागरिकों के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की।

इसके तुरंत बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सदियों पुरानी ‘पहिंद विधि’ की रस्म को पूरा किया। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से रथ के मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की। यह रस्म समाज को यह संदेश देती है कि भगवान के दरबार में राजा हो या रंक, सभी समान हैं। इसके बाद रथों को खींचने की शुरुआत की गई।

18 किलोमीटर का भव्य मार्ग और आस्था का सैलाब

यह ऐतिहासिक रथ यात्रा कुल 18 किलोमीटर का लंबा सफर तय करती है। जमालपुर स्थित मुख्य मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा अहमदाबाद के पुराने और संवेदनशील इलाकों सहित विभिन्न प्रमुख चौराहों से गुजरती हुई शाम तक वापस मंदिर लौटती है।

यात्रा के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। भगवान के दर्शन पाने के लिए लोगों ने छतों और रास्तों से फूलों की वर्षा की। जगह-जगह भजन-कीर्तन मंडली और महाप्रसाद के पंडाल लगाए गए थे। इस वर्ष यात्रा में:

  • 18 सजे-धजे गजराज (हाथी): जो सबसे आगे चलते हुए यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे。

  • अखाड़े और झांकियां: दर्जनों पारंपरिक अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, वहीं रंग-बिरंगी सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

  • बैंड दल: पारंपरिक वाद्य यंत्रों और बैंड धुनों से पूरा शहर “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर नजर

18 किलोमीटर लंबे इस पूरे रूट की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और हाई-टेक इंतजाम किए हैं।

  • 30,000+ सुरक्षाकर्मी: पूरे मार्ग पर गुजरात पुलिस, अर्धसैनिक बलों और विशेष सुरक्षा दलों के जवान तैनात हैं।

  • हाई-टेक निगरानी: पहली बार रूट पर थ्री-डी मैपिंग, ड्रोन कैमरे और सैकड़ों सीसीटीवी की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

  • क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT): किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में क्यूआरटी को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

रथ यात्रा का ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व

अहमदाबाद में इस रथ यात्रा की शुरुआत वर्ष 1878 में हुई था। ओडिशा की सुप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के बाद, इसे देश की दूसरी सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण रथ यात्रा माना जाता है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह गुजरात में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सेवा भावना का सबसे बड़ा महापर्व बनकर उभरता है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत कब हुई थी?

उत्तर: अहमदाबाद में जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत वर्ष 1878 में हुई थी। यह पुरी की रथ यात्रा के बाद देश की सबसे बड़ी यात्रा है।

Q2. रथ यात्रा में ‘पहिंद विधि’ (Pahind Vidhi) क्या होती है?

उत्तर: पहिंद विधि एक पारंपरिक रस्म है, जिसमें राज्य के राजा या वर्तमान में मुख्यमंत्री भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से रास्ता साफ करते हैं। यह भगवान के सामने हर नागरिक की समानता को दर्शाता है।

Q3. यह रथ यात्रा कितने किलोमीटर की दूरी तय करती है?

उत्तर: यह रथ यात्रा अहमदाबाद के जमालपुर मंदिर से शुरू होकर विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए लगभग 18 किलोमीटर का मार्ग तय करती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार इनपुट्स और पारंपरिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। स्थानीय प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट द्वारा समय और सुरक्षा नियमों में किए गए किसी भी तात्कालिक बदलाव के लिए आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।

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