जमुई: राजद विधायक के करीबी सुरेश पासवान के घर भीषण हमला, अपराधियों ने बमबाजी के बाद जलाए जमीन के कागजात

चंद्रमंडी (जमुई). चकाई थाना क्षेत्र के झगरूडीह गांव में रविवार की देर रात अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए राजद नेता और स्थानीय विधायक सावित्री देवी के करीबी सुरेश पासवान के घर पर भीषण हमला किया। आठ की संख्या में आए नकाबपोश बदमाशों ने न केवल लूटपाट की, बल्कि घर में बमबाजी और आगजनी कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी।

आधी रात को घर में घुसे हथियारबंद बदमाश

घटना उस वक्त हुई जब सुरेश पासवान अपनी बेटी के इलाज के लिए पटना गए हुए थे और घर में केवल महिलाएं मौजूद थीं। रात करीब दो बजे जब उनकी पुत्री रूपा मवेशियों को देखने बाहर निकली, तभी पहले से घात लगाए नकाबपोश अपराधियों ने उसे दबोच लिया। विरोध करने पर मारपीट की गई और चाकू के बल पर उसे घर के अंदर ले गए।

महिलाओं को बनाया बंधक, दस्तावेजों को किया आग के हवाले

अपराधियों ने घर की महिलाओं (पूजा देवी और रीता देवी) को एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों का मुख्य उद्देश्य लूट से ज्यादा दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाना प्रतीत हो रहा था। उन्होंने बक्से तोड़कर जमीन के मूल कागजात, राशन कार्ड, आधार कार्ड और जॉब कार्ड निकाल लिए। घर के बाहर ही इन जरूरी दस्तावेजों के ढेर में आग लगा दी गई, जिसकी लपटों से पास की झोपड़ी भी जलकर राख हो गई। बदमाशों ने जाते-जाते घर में रखे 1100 रुपये नकद और कुछ गहने भी लूट लिए।

बमबाजी से दहला इलाका, मौके पर मिला जिंदा बम

स्वजनों के अनुसार, दहशत फैलाने के उद्देश्य से अपराधियों ने दो देसी बम फोड़े। भागते समय उन्होंने सरकारी नाले के पास एक जिंदा सुतली बम भी छोड़ दिया। शोर सुनकर जब ग्रामीण जुटे, तब जाकर कमरे में बंद महिलाओं को बाहर निकाला गया और आग पर काबू पाया गया।

पुलिस और FSL की जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही चकाई थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सोमवार को बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जिंदा बम को निष्क्रिय किया। साक्ष्य जुटाने के लिए FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को भी बुलाया गया है।

थानाध्यक्ष का बयान: > “पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जमीन के कागजात जलाए जाने की घटना इसे भूमि विवाद से जोड़ती दिख रही है। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।”

इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म

जमीन से जुड़े कागजातों को चुन-चुनकर जलाए जाने के बाद स्थानीय लोग इसे सोची-समझी साजिश और जमीन विवाद मान रहे हैं। विधायक के करीबी होने के कारण इस घटना के राजनीतिक तार भी तलाशे जा रहे हैं। फिलहाल पूरे गांव में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है।

मातृभूमि समाचार – बिहार क्राइम न्यूज़

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