क्रिकेट में क्रांति: अब बल्लेबाज नहीं करेंगे फील्डिंग? जानें ‘Designated Hitter’ नियम का सच

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव दस्तक दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) ने सीजन 2026-27 के लिए ‘डेजिग्नेटेड हिटर’ (Designated Hitter) नियम लाने की घोषणा की है। यह नियम सीधे तौर पर बेसबॉल से प्रेरित है और खेल की रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है। इस नियम के तहत अब बल्लेबाज बिना फील्डिंग किए भी मैच का हिस्सा बन सकेंगे।

क्या है ‘Designated Hitter’ और ‘Designated Fielder’ नियम?

बीबीएल (सीजन 16) से लागू होने वाले इस नियम के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. डेजिग्नेटेड हिटर (DH): हर टीम टॉस से पहले एक ऐसे खिलाड़ी का नाम दे सकेगी जो सिर्फ बल्लेबाजी करेगा। उसे फील्डिंग करने या गेंदबाजी करने की जरूरत नहीं होगी।

  2. डेजिग्नेटेड फील्डर (DF): हिटर के बदले टीम एक विशेषज्ञ फील्डर (जो विकेटकीपर भी हो सकता है) को मैदान में उतार सकेगी। यह खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग करेगा, उसे बल्लेबाजी का मौका नहीं मिलेगा।

  3. वैकल्पिक नियम: यह अनिवार्य नहीं है। अगर कोई टीम पुराने पारंपरिक तरीके से 11 खिलाड़ियों के साथ खेलना चाहती है, तो वह ऐसा कर सकती है।

क्यों लिया गया यह फैसला? (प्रमुख कारण)

  • सीनियर खिलाड़ियों का करियर: क्रिस लिन या मिचेल मार्श जैसे दिग्गज खिलाड़ी, जो बढ़ती उम्र या चोट के कारण लंबी फील्डिंग नहीं कर पाते, वे अब सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर फोकस कर सकेंगे।

  • रणनीतिक गहराई: टीमें अब एक ‘पावर हिटर’ और एक ‘सुपर फील्डर’ को एक साथ मैच में शामिल कर सकेंगी, जिससे खेल का स्तर बढ़ेगा।

  • कार्यभार प्रबंधन (Workload Management): टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले थके हुए खिलाड़ियों को टी20 लीग की ओर आकर्षित करने के लिए यह एक बड़ा कदम है।

IPL के ‘Impact Player’ से कितना अलग है यह?

जहाँ आईपीएल का ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम मैच के बीच में परिस्थिति के अनुसार इस्तेमाल होता है, वहीं बीबीएल का यह नया नियम ‘Pre-declared’ (पहले से घोषित) होगा। यानी टॉस से पहले ही तय होगा कि कौन सिर्फ बैटिंग करेगा और कौन सिर्फ फील्डिंग।

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