पटना | बुधवार, 15 अप्रैल 2026
बिहार की राजनीति में सत्ता का केंद्र अब पूरी तरह बदल चुका है। भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन (Retd. Gen. Syed Ata Hasnain) ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में भाजपा-जेडीयू गठबंधन की नई सरकार का स्वरूप आधिकारिक तौर पर सामने आ गया है।
विभागों का बंटवारा: मुख्यमंत्री का ‘सुपर कंट्रोल’
नई सरकार के गठन के तुरंत बाद विभागों का शुरुआती बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शासन पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखा है:
-
सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री): इनके पास गृह विभाग समेत कुल 29 विभाग रहेंगे। इनमें सामान्य प्रशासन, वित्त, कैबिनेट सचिवालय, स्वास्थ्य, कृषि और निगरानी जैसे विभाग शामिल हैं।
-
जेडीयू को मिली बड़ी जिम्मेदारी: गठबंधन में संतुलन साधते हुए जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।
-
विजय कुमार चौधरी (उपमुख्यमंत्री): इन्हें शिक्षा और जल संसाधन समेत 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
-
बिजेंद्र प्रसाद यादव (उपमुख्यमंत्री): इनके पास ऊर्जा और वित्त (सह-प्रभारी) समेत 8 विभाग रहेंगे।
-
भावुक क्षण: नीतीश कुमार ने सौंपा नेतृत्व
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब दिखा जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वहां मौजूद थे। नीतीश कुमार, जिन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा का रुख किया है, ने खुद सम्राट चौधरी का मार्गदर्शन किया। शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने मंच पर ही नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसे बिहार की राजनीति में एक बड़े “शिष्टाचार और सत्ता हस्तांतरण” के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
संघर्ष से सत्ता के शिखर तक
सम्राट चौधरी के पिता और दिग्गज नेता शकुनी चौधरी ने इस पल को ईश्वर की कृपा और वर्षों के संघर्ष का फल बताया। शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के पंचमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी कसम (मुरैठा/पगड़ी) को लेकर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने राजनीतिक संकल्प के पूरा होने के प्रतीक के रूप में अयोध्या में पहले ही विसर्जित किया था।
क्या है आगे की रणनीति?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वर्तमान कैबिनेट अभी संक्षिप्त है। जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा, जिसमें भाजपा और जेडीयू के अन्य विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी जगह दी जाएगी। गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने से यह स्पष्ट है कि राज्य की कानून-व्यवस्था अब सीधे सम्राट चौधरी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगी।
मुख्य आकर्षण:
-
इतिहास: बिहार को मिला पहला भाजपा मुख्यमंत्री।
-
नई भूमिका: नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति (राज्यसभा) में सक्रिय होंगे।
-
शपथ: राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दिलाई शपथ।
-
विभाग: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 मंत्रालयों का विशाल पोर्टफोलियो।
