आगरा: परशुराम चौक पर धार्मिक झंडे हटाने को लेकर बढ़ा तनाव, भीम आर्मी पर आरोप; भारी पुलिस बल तैनात

Saransh Kanaujia
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आगरा | बुधवार, 15 अप्रैल 2026

ताजनगरी आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में उस समय सांप्रदायिक और जातीय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब अम्बेडकर जयंती की रैली के दौरान परशुराम चौक पर कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर धार्मिक झंडे उतारकर नीले झंडे फहराने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश है और इलाके में एहतियातन पीएसी (PAC) के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार (14 अप्रैल) को अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में शहर में शोभायात्रा निकाली जा रही थी। आरोप है कि जब यह रैली सिकंदरा स्थित परशुराम चौक के पास पहुंची, तो कुछ युवक (जिन्हें कथित तौर पर भीम आर्मी से जुड़ा बताया जा रहा है) चौक के ढांचे पर जूते पहनकर चढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इन युवकों ने वहां पहले से लगे धार्मिक झंडों को हटा दिया और अपने संगठन के नीले झंडे लगा दिए।

इस दौरान वहां मौजूद लोगों और रैली में शामिल युवकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

ब्राह्मण समाज का आक्रोश और मांगें

घटना की सूचना मिलते ही ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग परशुराम चौक पर जुटने लगे। समाज के लोगों ने इसे “धार्मिक अपमान और सोची-समझी साजिश” करार दिया है।

  • अल्टीमेटम: ब्राह्मण संगठनों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

  • तहरीर: सिकंदरा थाने में आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति के अपमान की तहरीर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन की जवाबी कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगरा प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला।

  1. सीसीटीवी की जांच: पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।

  2. बल की तैनाती: परशुराम चौक और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।

  3. अफवाहों पर रोक: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तोड़फोड़ की खबरें अफवाह हैं, हालांकि झंडे हटाने और जूते पहनकर चढ़ने के आरोपों की जांच की जा रही है।

प्रशासन की अपील: “शांति बनाए रखें”

एसीपी (सिकंदरा) ने बयान जारी कर कहा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक जानकारी या उत्तेजक वीडियो पर भरोसा न करें।

निष्कर्ष: फिलहाल आगरा में माहौल शांत लेकिन तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस की खुफिया इकाइयां (LIU) सक्रिय हैं और दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि शांति व्यवस्था बहाल रहे।

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