बर्मिंघम में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर भड़काऊ वीडियो: पूरी रिपोर्ट

Saransh Kanaujia
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बर्मिंघम । बुधवार, 13 मई 2026

बर्मिंघम में भारतीय वाणिज्य दूतावास (रामगी हाउस) के बाहर फिल्माया गया एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानजनक और हिंसक तरीके से चित्रित किया गया है। यह वीडियो ‘दीनीफाइड’ नामक एक समूह द्वारा जारी किया गया है, जो ISIS की शैली में प्रचार करने के लिए जाना जाता है।

वीडियो की मुख्य बातें और भ्रामक दावे

  1. प्रतीकात्मक फांसी: वीडियो में एक व्यक्ति पीएम मोदी का मुखौटा पहनकर और नारंगी जंपसूट (अक्सर कैदियों द्वारा उपयोग किए जाने वाला) पहनकर घुटनों के बल बैठा है, जबकि तीन नकाबपोश लोग उसे पकड़े हुए हैं।

  2. गलत आरोप: नकाबपोश प्रवक्ता प्रधानमंत्री को ‘नरसंहारकर्ता’ कहता है और दावा करता है कि उन्होंने उन्हें ‘गिरफ्तार’ कर लिया है।

  3. राजनीतिक प्रोपेगेंडा: वीडियो के बैकग्राउंड में ‘आजाद कश्मीर’ और भारत की विदेश नीति के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं।

सत्यता की जांच 

  • गिरफ्तारी का दावा: वीडियो में ‘पीएम की गिरफ्तारी’ का दावा पूरी तरह से फर्जी है। यह केवल एक स्क्रिप्टेड नाटक है जिसे भारत विरोधी नैरेटिव सेट करने के लिए बनाया गया है।

  • प्रदर्शन का स्वरूप: यद्यपि इसे ‘जन आंदोलन’ के रूप में दिखाया गया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार यह कुछ मुट्ठी भर चरमपंथियों की करतूत है, जिसे ‘ग्रीन स्क्रीन’ या डिजिटल संपादन के माध्यम से बड़ा दिखाने की कोशिश की गई है।

राजनयिक तनाव

भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्रिटेन के अधिकारियों के सामने यह स्पष्ट किया है कि राजनयिक मिशनों के बाहर इस तरह की हिंसक झांकियों की अनुमति देना वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है। भारत ने दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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