नंदीग्राम में बड़ा उलटफेर: मतदान से पहले TMC के 43 नेताओं को NIA का समन

कोलकाता | सोमवार, 13 अप्रैल 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले सूबे की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 43 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए जाने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” और “चुनावी प्रतिशोध” करार दिया है।

📅 17 अप्रैल को पेशी, 23 को मतदान

NIA ने नंदीग्राम-1 ब्लॉक के कद्दावर नेताओं, जिनमें जिला परिषद पदाधिकारी शमसुल इस्लाम, ब्लॉक नेता बाप्पादित्य गर्ग, शेख अलराजी और क्षेत्रीय अध्यक्ष शंभू नायक शामिल हैं, को 17 अप्रैल को कोलकाता स्थित अपने कार्यालय में तलब किया है। गौर करने वाली बात यह है कि नंदीग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से महज 6 दिन पहले प्रमुख संगठनात्मक चेहरों को बुलाए जाने से TMC की बूथ लेवल रणनीति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

💣 मामला क्या है? (2024 की हिंसा का साया)

यह पूरी कार्रवाई दिसंबर 2024 में हुए सहकारी कृषि और ग्रामीण बैंक चुनाव के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी है।

  • घटना: कंचन नगर हाई स्कूल के पास मतदान के दौरान भारी बमबारी और झड़पें हुई थीं।

  • जांच का मोड़: NIA ने इस साल 1 अप्रैल को औपचारिक रूप से इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और अब 43 सक्रिय कार्यकर्ताओं को नोटिस थमाया है।

⚔️ सुवेंदु बनाम पवित्र: अपनों के बीच महायुद्ध

नंदीग्राम में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है। भाजपा की ओर से विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं, तो वहीं TMC ने सुवेंदु के ही कभी बेहद करीबी रहे पवि‍त्र कर को उम्मीदवार बनाया है।

  • TMC का आरोप: तमलुक संगठनात्मक जिला अध्यक्ष सुजीत राय का कहना है कि “जब हार निश्चित दिख रही है, तो भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर हमारे बूथ एजेंटों को डरा रही है।”

  • BJP का पलटवार: भाजपा जिला महासचिव मेघनाद पाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “TMC के गुंडों ने सहकारी चुनावों में बमों से हमला किया था। एजेंसी केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है।”

📊 राजनीतिक समीकरण और चुनौतियां

नंदीग्राम का यह चुनाव 2026 की सत्ता की चाबी माना जा रहा है।

पक्ष मुख्य चिंता/रणनीति
TMC यदि नेता 17 अप्रैल को पेश होते हैं, तो गिरफ्तारी का डर है; नहीं जाते हैं तो वारंट जारी हो सकता है। दोनों ही स्थितियों में बूथ मैनेजमेंट प्रभावित होगा।
BJP सुवेंदु अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह 30,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीतेंगे।
प्रशासन चुनाव आयोग ने सुरक्षा के मद्देनजर नंदीग्राम और आसपास के इलाकों में BNS की धारा 163 (पहले धारा 144) लागू करने के संकेत दिए हैं।

⚡ आगे क्या?

नंदीग्राम के सियासी गलियारों में चर्चा है कि यदि NIA की कार्रवाई जारी रही, तो TMC बड़े पैमाने पर सड़क पर उतर सकती है। उधर, पवित्र कर ने भी साफ कर दिया है कि एजेंसियां कितनी भी जांच कर लें, जनता सुवेंदु अधिकारी को सबक सिखाने के लिए तैयार है।

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