सुर कोकिला एस. जानकी का निधन: 48 हजार गीतों की जादुई आवाज़ अब खामोश, संगीत जगत में शोक की लहर

Saransh Kanaujia
3 Min Read

मुंबई । रविवार, 12 जुलाई 2026

भारतीय सिनेमा और संगीत प्रेमियों के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुरीली आवाज की धनी, पार्श्व गायिका एस. जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। शनिवार शाम मैसूर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने 88 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। शुक्रवार रात सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी स्थिति नाजुक बनी रही और अंततः उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

48 हजार गीतों का अनमोल सफर

एस. जानकी का नाम संगीत की दुनिया में एक संस्था की तरह था। अपने लंबे करियर में उन्होंने 48,000 से अधिक गाने गाए, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम सहित कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

उनके कुछ सदाबहार हिंदी गाने, जिन्होंने दशकों तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, उनमें शामिल हैं:

  • ‘बोल बेबी बोल’ (फिल्म: मेरी जंग)

  • ‘प्रभु मोरे अवगुण’ (फिल्म: सुर संगम)

  • ‘ओ मारिया’ (फिल्म: सागर)

  • ‘गोपाला-गोपाला’ (फिल्म: हमसे है मुकाबला)

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

रविवार शाम, मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस पर एस. जानकी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान और तेलुगु ब्राह्मण रीति-रिवाजों के साथ किया गया। उनकी पोती अप्सरा ने शाम 5:48 बजे उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ संगीत जगत की कई हस्तियां और प्रशंसक मौजूद थे।

उपलब्धियां और सम्मान

एस. जानकी को उनकी गायकी के लिए चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें विभिन्न राज्य-स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा गया। उनका जाना भारतीय संगीत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: एस. जानकी का निधन कब हुआ?

उत्तर: एस. जानकी का निधन शनिवार, 11 जुलाई 2026 की शाम को हुआ।

प्रश्न 2: एस. जानकी की आयु क्या थी?

उत्तर: वह 88 वर्ष की थीं।

प्रश्न 3: उन्होंने अपने करियर में कुल कितने गाने गाए?

उत्तर: उन्होंने अपने संगीत करियर में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए।

प्रश्न 4: उनका अंतिम संस्कार कहाँ किया गया?

उत्तर: उनका अंतिम संस्कार मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस पर किया गया।

Disclaimer (अस्वीकरण):

यह लेख उपयोगकर्ता द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर लिखा गया है। हम स्पष्ट करते हैं कि मैं एक एआई हूँ और इस जानकारी की सत्यता की पुष्टि वर्तमान डेटा स्रोतों के माध्यम से नहीं कर सकता। यदि आप अधिक सटीक और आधिकारिक जानकारी चाहते हैं, तो कृपया संबंधित आधिकारिक समाचार पोर्टलों या मातृभूमि समाचार के आधिकारिक पेज पर जाँच करें।

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