सारा खान का बकरीद पर पोस्ट: ‘कुर्बानी जानवरों की नहीं, अपने अहंकार की दें’; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Saransh Kanaujia
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मुंबई । गुरुवार, 28 मई 2026

मशहूर टीवी एक्ट्रेस सारा खान (Sara Khan) एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गई हैं। इस बार वजह बना है उनका ‘ईद-उल-अजहा’ (बकरीद 2026) के मौके पर शेयर किया गया एक वीडियो संदेश। अपने इस इंस्टाग्राम नोट में एक्ट्रेस ने त्योहार के पारंपरिक तरीकों के बजाय दया, रहम और इंसानियत पर सबसे ज्यादा जोर दिया है, जिसके बाद इंटरनेट पर यूजर्स के बीच एक नई बहस छिड़ गई है।

त्योहार सिर्फ खाने या रस्मों का नाम नहीं: सारा खान

गुरुवार, 28 मई 2026 को सारा खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने अपने फैंस को ईद-उल-अजहा का असल मतलब समझाने की कोशिश की। सारा ने कहा कि ईद-उल-अजहा सिर्फ एक त्योहार, अच्छे पकवानों या केवल रस्मों को पूरा करने का नाम नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास और सच्चे त्याग का प्रतीक है।

पैगंबर इब्राहिम (अल्लाह के दूत) की कहानी का जिक्र करते हुए उन्होंने वीडियो में लिखा:

“अल्लाह को मांस या खून की जरूरत नहीं होती, बल्कि वो इंसान का दिल, उसकी सच्ची नीयत, करुणा और उसकी रूह (ताकवा) को देखते हैं।”

सारा ने लोगों से अपील की कि वे इस ईद को केवल जानवरों की कुर्बानी तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दया और उदारता के साथ मनाएं। जरूरतमंदों की मदद करना, भूखों को खाना खिलाना और बेसहारा लोगों की रक्षा करना ही इस त्योहार का असली इमोशन है। उन्होंने आगे कहा कि इंसान को जानवरों के बजाय अपने अंदर के ‘अहंकार’ की कुर्बानी देनी चाहिए ताकि दिल साफ हो सके।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया और ट्रोलिंग

सारा खान के इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं।

  1. सराहना करने वाला वर्ग: कई प्रशंसकों और नेटिजन्स ने सारा के इस मानवीय दृष्टिकोण की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि आज के दौर में जीव दया और इंसानियत की बात करना एक बेहद सकारात्मक कदम है।

  2. असहमत वर्ग: वहीं दूसरी तरफ, पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले कुछ यूजर्स सारा की इस राय से पूरी तरह असहमत दिखे। उनका तर्क है कि बकरीद पर कुर्बानी देना एक जरूरी और स्थापित धार्मिक रस्म है, जिसे बदला नहीं जा सकता। इस वजह से कुछ लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी कर रहे हैं।

फैक्ट चेक: सिर्फ कोर्ट मैरिज नहीं, दोनों रीति-रिवाजों से हुई थी शादी

यहाँ यह सुधार करना बेहद जरूरी है कि सोशल मीडिया पर सारा खान की शादी को लेकर अक्सर अधूरी जानकारी साझा की जाती है। जैसा कि चर्चाओं में कहा जाता है कि उन्होंने साल 2025 में सिर्फ कोर्ट मैरिज की थी, वह पूरी तरह सच नहीं है।

असल सच्चाई यह है कि सारा खान ने ‘रामायण’ फेम सुनील लहरी के बेटे और एक्टर कृष पाठक (Krish Pathak) के साथ 6 अक्टूबर 2025 को पहले सिविल (कोर्ट) मैरिज जरूर की थी, लेकिन इसके बाद दिसंबर 2025 में दोनों ने पूरे रीति-रिवाजों के साथ शादी की। इस दौरान दोनों परिवारों के सम्मान में ‘निकाह’ (मुस्लिम रीति-रिवाज) और ‘सात फेरे’ (हिंदू रीति-रिवाज) दोनों रस्में निभाई गई थीं।

उस समय भी अलग-अलग धर्मों के होने के कारण सारा को काफी ट्रोल किया गया था, जिसका जवाब देते हुए सारा ने गर्व से कहा था, “हम सब आखिर में भारतीय हैं और हम अपनी जिंदगी में बेहद खुश हैं।”

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