कानपुर HDFC बैंक विवाद: ‘ठाकुर बनाम ब्राह्मण’ जंग में तब्दील हुआ मामला, इस्तीफा देने वाली महिला कर्मी ने लगाए गंभीर आरोप

Saransh Kanaujia
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कानपुर। शहर के पनकी स्थित HDFC बैंक की शाखा में शुरू हुआ विवाद अब थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर ‘मैं ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी’ कहने वाली बैंक कर्मी आस्था सिंह और इस्तीफा दे चुकी कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी के बीच अब जुबानी जंग और कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। इस मामले ने अब जातिगत और व्यक्तिगत सुरक्षा का मोड़ ले लिया है।

‘पति को मिल रही है जान से मारने की धमकी’

बैंक से इस्तीफा देने वाली ऋतु त्रिपाठी ने आस्था सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके पति ऋषि मिश्रा को ऑनलाइन धमकियां मिल रही हैं। ऋतु का कहना है:

“आस्था ने मुझ पर और मेरे पति पर जो अनर्गल आरोप लगाए हैं, उसकी वजह से लोग मेरे पति को मारने की बात कह रहे हैं। अगर मेरे पति को कुछ भी होता है, तो उसकी जिम्मेदार आस्था सिंह होंगी।”

ऋतु ने इस मामले में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए बैंक के CCTV फुटेज की जांच की मांग की है।

देर रात तक रुकने का दबाव और मैनेजर पर गंभीर आरोप

ऋतु त्रिपाठी ने बैंक छोड़ने की जो वजह बताई, वह कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और कार्य संस्कृति पर सवाल खड़े करती है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

  • वर्किंग ऑवर्स: ऋतु का दावा है कि 31 दिसंबर की रात उन्हें 11 बजे तक रोका गया, जबकि उनकी 8 महीने की छोटी बेटी है।

  • मैनेजर का व्यवहार: उन्होंने ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह पर आरोप लगाया कि वह उन्हें जबरन अपने साथ जॉइंट कॉल पर ले जाना चाहते थे और मना करने पर ‘रिजाइन’ करने का दबाव बनाते थे।

  • मेंटल टॉर्चर: समय पर घर जाने की बात कहने पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

“ब्राह्मण होना क्या गुनाह है?” – पति ऋषि मिश्रा

ऋतु के पति ऋषि मिश्रा ने इस पूरे विवाद को जातिगत रंग दिए जाने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि आस्था सिंह ने अपनी गलती छिपाने के लिए जाति का कार्ड खेला है। ऋषि का कहना है कि जब उनकी पत्नी और बहन के साथ अभद्रता हुई, तब वह बैंक पहुंचे थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “क्या इस देश में ब्राह्मण होना पाप है? मुझे सिर्फ इसलिए दबाया जा रहा है क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं।”

आस्था सिंह की सफाई: “मैं अपने बयान पर कायम हूं”

दूसरी ओर, वीडियो में नजर आ रही रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा।

  • उन्होंने स्वीकार किया कि उनके शब्द गलत हो सकते थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उन्हें उकसाया गया था।

  • आस्था के अनुसार, ऋतु के पति ने उनकी डेस्क पर आकर उनकी जाति पूछी और बदतमीजी की।

  • उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं ठाकुर हूं और मुझे इस पर गर्व है।”

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 6 जनवरी को बैंक परिसर में हुआ था, जिसका वीडियो 8 फरवरी को वायरल हुआ। वीडियो में आस्था सिंह उग्र रूप में गालियां देती और लैपटॉप उठाकर हमला करने का प्रयास करती दिख रही हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक मैनेजर पर लगे आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।

अगली कार्रवाई: ऋतु त्रिपाठी द्वारा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग के बाद अब पुलिस और प्रशासन की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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