दतिया विधानसभा उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भाजपा में आंतरिक संकट

Saransh Kanaujia
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भोपाल । अपडेटेड : शनिवार, 11 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय दतिया विधानसभा उपचुनाव सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से दतिया में राजनीतिक भूचाल आ गया है। इस फैसले के विरोध में दतिया के भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित पूरी जिला कार्यकारिणी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है। समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (झांसी-ग्वालियर हाईवे) पर चक्काजाम कर शीर्ष नेतृत्व के फैसले को ‘एकतरफा’ करार दिया है।

टिकट कटने के पीछे के 3 मुख्य कारण (सीक्रेट सर्वे रिपोर्ट)

भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों और अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इसके पीछे निम्नलिखित रणनीतिक वजहें हैं:

  1. गोपनीय केंद्रीय सर्वे की रिपोर्ट: दतिया सीट रिक्त होने के बाद भाजपा की केंद्रीय टीम द्वारा कराए गए सीक्रेट सर्वे में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ मजबूत स्थानीय एंटी-इंकंबेंसी (जन-नाराजगी) की बात सामने आई थी।

  2. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पसंद: आशुतोष तिवारी को संघ पृष्ठभूमि का माना जाता है। वे पूर्व में संभागीय संगठन मंत्री रहे हैं और संगठन में उनकी बेदाग छवि है। केंद्रीय नेतृत्व ने एक नए और साफ-सुथरे ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेलना बेहतर समझा।

  3. 2023 की हार का असर: 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा करीब 7,742 वोटों से चुनाव हार गए थे। उपचुनावों में रिस्क न लेने की नीति के तहत पार्टी ने चेहरा बदलने का कड़ा फैसला लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: भाजपा के नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी कौन हैं?

उत्तर: आशुतोष तिवारी भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी संगठनकर्ता हैं। वे पूर्व में भोपाल और ग्वालियर संभाग के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान वे मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) भी रहे हैं।

प्रश्न 2: दतिया भाजपा संगठन में सामूहिक इस्तीफे का क्या कारण है?

उत्तर: डॉ. नरोत्तम मिश्रा पिछले 15 सालों से दतिया में सक्रिय थे और इस उपचुनाव के लिए नामांकन फॉर्म भी खरीद चुके थे। अचानक उनका टिकट काटे जाने को स्थानीय पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं का अपमान और एकतरफा फैसला माना, जिसके चलते जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया।

प्रश्न 3: दतिया उपचुनाव के लिए मतदान और मतगणना कब होगी?

उत्तर: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जबकि मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को की जाएगी।

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों, मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। टिकट बदलने के कारणों पर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह लेख केवल राजनीतिक विश्लेषण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।

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