लखनऊ । बुधवार, 10 जून 2026
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान की अंतिम सूची जारी कर दी है। पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 2,32,24,805 नए मतदाताओं को जोड़ा गया, जबकि 2,03,23,287 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। हटाए गए नामों में मृतक, विस्थापित, डुप्लीकेट और फर्जी मतदाता शामिल हैं।
अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12,58,51,570 हो गई है। पुनरीक्षण के बाद कुल 29,01,518 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। यही मतदाता आने वाले पंचायत चुनावों में गांव की सरकार चुनने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पुनरीक्षण से पहले कितने थे मतदाता?
मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में कुल 12,29,50,052 मतदाता दर्ज थे। राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें मतदाताओं की संख्या लगभग 12.69 करोड़ पहुंच गई थी और कुल वृद्धि 40.19 लाख दिखाई गई थी।
इसके बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित कीं। सभी जिलों से प्राप्त आपत्तियों और दावों पर सुनवाई के बाद अंतिम सूची तैयार की गई।
अनंतिम सूची और अंतिम सूची में बड़ा अंतर
अनंतिम सूची के अनुसार 1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े थे और 1.41 करोड़ नाम हटाए गए थे। उस समय कुल 40.19 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई थी।
हालांकि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अंतिम सूची में लगभग 51 लाख अतिरिक्त नए मतदाता जोड़े गए, जबकि करीब 62 लाख अतिरिक्त अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए। इसी कारण कुल मतदाताओं की वृद्धि घटकर 29.01 लाख रह गई।
हर मतदाता को मिलेगा 9 अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पहचान को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक मतदाता को 9 अंकों का विशेष स्टेट वोटर नंबर देने का निर्णय लिया है।
इस यूनिक नंबर के माध्यम से मतदाता की पहचान, निवास क्षेत्र और मतदान संबंधी जानकारी दर्ज रहेगी। आयोग के अनुसार एक बार जारी किया गया नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को कभी आवंटित नहीं किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट भी जाता है, तो उसका नंबर स्थायी रूप से फ्रीज रहेगा।
फिलहाल टले हुए हैं पंचायत चुनाव
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। राज्य सरकार ने वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही अगले छह महीने के लिए प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है।
ऐसे में पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर नहीं हो सके हैं। निर्वाचन आयोग फिलहाल चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची के अंतिम रूप पर काम कर रहा है। यही वजह रही कि अंतिम मतदाता सूची जारी करने की समय सीमा कई बार बढ़ानी पड़ी।
पुनरीक्षण के बाद प्रमुख आंकड़े
- कुल मतदाता: 12,58,51,570
- नए मतदाता जुड़े: 2,32,24,805
- अयोग्य मतदाता हटे: 2,03,23,287
- कुल शुद्ध वृद्धि: 29,01,518
- विशेष पहचान: 9 अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर
