तमिलनाडु में बड़ी राजनीतिक हलचल: यूट्यूबर मारिधास को चेन्नई पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

चेन्नई । मंगलवार, 9 जून 2026

तमिलनाडु की राजनीति और सोशल मीडिया जगत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अपने तीखे राजनीतिक विश्लेषण और विवादित बयानों के लिए चर्चित दक्षिणपंथी (Right-Wing) तमिल यूट्यूबर मारिधास (Maridhas) को चेन्नई सिटी पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने सोमवार को मदुरै से गिरफ्तार कर लिया है। मारिधास पर राज्य की नवगठित टीवीके (TVK) सरकार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनके कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया व वीडियो इंटरव्यू के जरिए आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणियां करने का आरोप है।

इस पूरे मामले को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। आइए जानते हैं इस घटनाक्रम से जुड़ी हर लेटेस्ट जानकारी, पुलिस की कार्रवाई और विपक्षी दलों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है।

क्या है पूरा मामला और क्या हुए हैं ताजा बदलाव?

शुरुआती खबरों में यह कहा जा रहा था कि पुलिस ने मारिधास को केवल पूछताछ के लिए ‘हिरासत’ में लिया है, लेकिन नवीनतम जानकारी के अनुसार, चेन्नई पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें चेन्नई की एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने डिजिटल सबूतों की जांच के लिए उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला किसी व्यक्तिगत शिकायत पर नहीं, बल्कि चेन्नई पुलिस की साइबर क्राइम विंग द्वारा स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेते हुए दर्ज किया गया है। मारिधास ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स में सरकार के कामकाज की तीखी आलोचना की थी, जिसे पुलिस ने “अपमानजनक और सामाजिक शांति को प्रभावित करने वाला” माना है।

किन गंभीर धाराओं में फंसे मारिधास?

चेन्नई पुलिस ने मारिधास के खिलाफ नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की है:

  1. धारा 79 (BNS): यह धारा किसी महिला की गरिमा और शील को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों या कृत्यों के लिए लगाई जाती है। आरोप है कि मारिधास ने टीवीके सरकार की एक महिला कैबिनेट मंत्री (एस. कीर्तना) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

  2. धारा 352(2) (BNS): इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक या अन्य माध्यमों से ऐसी झूठी जानकारी, अफवाहें या भ्रामक खबरें फैलाना शामिल है, जिससे समाज के विभिन्न समूहों के बीच नफरत, दुश्मनी या अशांति पैदा होने की आशंका हो।

पुरानी कड़वाहट: यह पहली बार नहीं है जब मारिधास पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी टीवीके (TVK) की एक रैली के दौरान करूर में मची भगदड़ (जिसमें 41 लोगों की जान गई थी) से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर साइबर क्राइम विंग उनसे पूछताछ कर चुकी है।

गिरफ्तारी पर गरमाई राजनीति: विपक्ष ने घेरा

मारिधास की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु के विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टीवीके सरकार पर “असहमति की आवाज को दबाने” और “अलोकतांत्रिक रवैया” अपनाने का आरोप लगाया है।

  • एआईएडीएमके (AIADMK): पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इस गिरफ्तारी को अनावश्यक बताते हुए कहा कि यह सरकार की आलोचना के प्रति असहनशीलता को दर्शाता है।

  • भाजपा (BJP) व नाम तमिलर कत्छी (NTK): एनटीके प्रमुख सीमन और भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि मारिधास की टिप्पणियां अपमानजनक थीं, तो पुलिस को सीधे गिरफ्तार करने के बजाय पहले कानूनी नोटिस भेजना चाहिए था। उचित जांच के बिना सुबह-सुबह घर से उठा लेना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।

वर्तमान में मारिधास जेल में हैं और उनके वकील जमानत (Bail) के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और विरोधी आमने-सामने हैं, जिससे यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

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