अमृतसर में नशे पर बड़ा प्रहार: काउंटर इंटेलिजेंस ने 9 किलो हेरोइन के साथ तस्कर को दबोचा

Saransh Kanaujia
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अमृतसर. पंजाब में नशे के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) विंग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमृतसर में एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। इस बरामदगी के तार सीधे पाकिस्तान में बैठे ड्रग हैंडलरों से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे सीमा पार से संचालित होने वाले नशा तस्करी नेटवर्क पर एक करारा प्रहार बताया है।

गुप्त सूचना पर सटीक एक्शन: कैसे हुई गिरफ्तारी?

पुलिस के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर को एक पुख्ता इनपुट मिला था कि एक संदिग्ध तस्कर भारी मात्रा में नशे की खेप लेकर पंजाब के आंतरिक हिस्सों में सप्लाई करने की योजना बना रहा है।

  • कार्रवाई: सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष जाल बिछाया और संदिग्ध को घेर लिया।

  • बरामदगी: तलाशी के दौरान आरोपी के पास से उच्च गुणवत्ता वाली 9 किलो हेरोइन मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

  • गिरफ्तारी: आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

पाकिस्तान कनेक्शन और ‘ड्रोन’ तकनीक का संदेह

प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हेरोइन की यह खेप ड्रोन (UAV) के जरिए सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में गिराई गई थी।

जांच का मुख्य बिंदु: आरोपी पाकिस्तान में बैठे एक प्रमुख ड्रग हैंडलर के सीधे निर्देश पर काम कर रहा था। वह पंजाब के विभिन्न जिलों में हेरोइन की डिलीवरी और वितरण (Distribution) के लिए जिम्मेदार था। पुलिस अब उस पाकिस्तानी हैंडलर की पहचान और उसके स्थानीय संपर्कों को खंगाल रही है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज और आगे की जांच

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), अमृतसर में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस की आगामी रणनीति:

  1. बैकवर्ड लिंकेज (Backward Linkage): यह खेप बॉर्डर के किस पॉइंट से आई और इसमें कौन-कौन से कुरियर शामिल थे?

  2. फॉरवर्ड लिंकेज (Forward Linkage): पंजाब में यह नशा किन स्थानीय डीलरों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाना था?

  3. मनी ट्रेल (Financial Audit): ड्रग मनी का इस्तेमाल कहाँ हो रहा है और क्या इसमें टेरर फंडिंग का कोई एंगल है?

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