संभल: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन का हंटर, शहर इमाम पर ₹6.94 करोड़ का भारी जुर्माना

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। तहसीलदार न्यायालय ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शहर इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई पर न केवल बेदखली का आदेश दिया है, बल्कि 6 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।

पौधरोपण के लिए सुरक्षित जमीन पर था कब्जा

यह मामला संभल के सैफ खां सराय (चंदौसी मार्ग) का है। जांच में पाया गया कि जिस भूमि पर कब्जा किया गया था, वह ग्राम समाज की संपत्ति थी और विशेष रूप से पौधरोपण (Plantation) के लिए सुरक्षित रखी गई थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए आरक्षित इस जमीन पर निजी निर्माण और कब्जा किया जाना नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।

लेखपाल की रिपोर्ट से खुला अवैध कब्जे का कच्चा चिट्ठा

इस पूरे मामले की शुरुआत क्षेत्रीय लेखपाल की एक विस्तृत रिपोर्ट से हुई। लेखपाल ने अपनी जांच में स्पष्ट किया था कि:

  1. चंदौसी मार्ग स्थित बेशकीमती जमीन पर शहर इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब का अवैध कब्जा है।

  2. इस भूमि का उपयोग सरकारी उद्देश्यों के बजाय निजी लाभ के लिए किया जा रहा था।

  3. 24 जून 2025 को लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया गया था।

न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला: ₹6,94,79,000 की क्षतिपूर्ति

तहसीलदार न्यायालय में लंबी सुनवाई के बाद, उपलब्ध साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों (Land Records) का बारीकी से निरीक्षण किया गया। न्यायालय ने पाया कि कब्जा पूरी तरह से गैर-कानूनी है।

न्यायालय के आदेश के मुख्य बिंदु:

  • तत्काल बेदखली: कब्जाधारियों को आदेश दिया गया है कि वे सरकारी भूमि को तुरंत खाली करें।

  • भारी जुर्माना: सरकारी जमीन के इतने लंबे समय तक अवैध उपयोग और उससे हुई क्षति के बदले ₹6,94,79,000 का जुर्माना लगाया गया है।

  • राजस्व वसूली: यदि जुर्माना राशि तय समय सीमा के भीतर जमा नहीं की जाती है, तो प्रशासन उनकी संपत्ति कुर्क कर वसूली की प्रक्रिया शुरू करेगा।

संभल प्रशासन की अगली कार्रवाई

संभल के प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जल्द ही मौके पर जाएगी। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने और जमीन को ग्राम समाज के कब्जे में वापस लेने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि संभल में किसी धार्मिक गुरु या प्रभावशाली व्यक्ति पर इतना बड़ा आर्थिक जुर्माना लगाया जाना राज्य में कानून के इकबाल को बुलंद करने का प्रतीक है।

उत्तर प्रदेश में भू-राजस्व कानून (UP Revenue Code) और अवैध कब्जा

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अनुसार, ग्राम समाज या सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा करना दंडनीय अपराध है। धारा 67 के तहत प्रशासन को अवैध कब्जा हटाने और क्षतिपूर्ति वसूलने का पूर्ण अधिकार है। यह मामला भविष्य में अन्य कब्जाधारियों के लिए एक मिसाल बनेगा।

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